गहलोत सरकार के सभी मत्रियों से इस्तीफे लिए गए, रविवार शाम 4 बजे हो सकता है नए मंत्रियों का शपथग्रहण
जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर राजस्थान मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म हो गई है। मंत्री परिषद की बैठक में सभी 21 मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया गया है।
- राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल के पुनर्गठन से पहले सभी 21 मंत्रियों का इस्तीफा लिया गया
- अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का रविवार को शपथग्रहण समारोह हो सकता है- सूत्र
- रविवार को PCC की बैठक होगी, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र जयपुर पहुंचे
जयपुर: जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर राजस्थान मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म हो गई है। मंत्री परिषद की बैठक में सभी 21 मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया गया है। कल यानी रविवार को दोपहर 2 बजे सभी मंत्री प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, रविवार यानी 21 नवंबर को शाम 4 बजे नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। बताया जा रहा है कि राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की पूरी कमान काग्रेस हाईकमान ने अपने हाथ में ली है।
अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने मंत्री पद के अपने नामों की सूची अजय माकन को पहले ही सौंप चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि फेरबदल के बाद नये मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को होने की संभावना है। उधर, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र जयपुर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि नए मंत्रियों के नामों पर सहमति बन गई है। अजय माकन उन विधायकों को फोन कर जानकारी देंगे, जिन्हें मंत्री बनाया जाना है।
गहलोत ने कहा- सबको लॉटरी खुलने का इंतजार
राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल में पुनर्गठन की कवायद अंतिम दौर में पहुंचने की उम्मीदों के बीच मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अशोक गहलोत ने संभावित पुनर्गठन पर चुटकी लेते हुए यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम सबको इंतजार है लॉटरी खुलने का।’’ पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन व गहलोत के बीच बैठकों का दौर शनिवार को भी जारी रहा। सूत्रों के अनुसार नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को राजभवन में हो सकता है, हालांकि इस बारे में आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘जल्दी होगा, जल्दी होगा, बहुत जल्दी होगा। कभी भी हो सकता है। अजय माकन बताएंगे आपको। और कभी भी हो सकता है।’’
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन शुक्रवार रात यहां पहुंचे हैं। उन्होंने ही मीडिया को बताया कि तीन मंत्रियों, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा व शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपने मंत्री पद छोड़ने और पार्टी संगठन के लिए काम करने की पेशकश की है। इस समय राज्य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 21 सदस्य हैं। उक्त तीन मंत्रियों के इस्तीफे के मद्देनजर यह संख्या 18 पहुंच सकती है। राज्य में विधायकों की संख्या 200 है, उस हिसाब से मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 सदस्य हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री गहलोत ने दो दिन पहले कहा था कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन जल्द होगा। राज्य की अशोक गहलोत सरकार अगले महीने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंत्रिमंडल पुनर्गठन में सचिन पायलट खेमे के विधायकों के साथ साथ पिछले साल राजनीतिक संकट में सरकार का साथ देने वाले विधायकों की अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती पार्टी आलाकमान पर रहेगी। इन विधायकों में बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायक व दर्जन भर निर्दलीय विधायक भी हैं। संख्या बल के हिसाब से राज्य विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 108 व भाजपा के 71 विधायक हैं। इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायक हैं।