खबर पर नोएडा पुलिस कमिश्नर ने लिया संज्ञान:घूसखोरी पर फंसी नोएडा पुलिस, इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल बर्खास्त, क्राइम ब्रांच भंग; संपत्ति की जांच का आदेश
20 लाख रुपए और क्रेटा कार लेकर एटीएम हैकरों का गैंग छोड़ने के मामले में उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने ……. की खबर पर संज्ञान लेेते हुए मंगलवार रात इस मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी साबिर खान और हेड कांस्टेबल अमरीश को सेवाओं से ही बर्खास्त कर दिया। पूरी क्राइम ब्रांच को भंग करते हुए 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। क्राइम ब्रांच से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। 29 नवंबर को दैनिक भास्कर ने नोएडा पुलिस की घूसखोरी की खबर सबसे प्राथमिकता पर ली। जिसके बाद नोएडा पुलिस कमिश्नर ने संज्ञान लिया।
यह है पूरा प्रकरण
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना पुलिस ने सोमवार को 5 एटीएम हैकरों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग खास सॉफ्टवेयर के जरिए पूरी मशीन को हैक करके उसमें से लाखों रुपए का कैश पार कर देता था। गाजियाबाद पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि उनको 3 महीने पहले नोएडा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था लेकिन 20 लाख रुपए व क्रेटा कार लेकर छोड़ दिया था। इन आरोपों की DGP ऑफिस से हाईलेवल जांच शुरू हो गई है। इधर, इंदिरापुरम पुलिस ने पांचों आरोपियों को मंगलवार शाम जेल भेज दिया है।

नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने इस केस की जांच डीसीपी क्राइम अभिषेक को दी है डीसीपी क्राइम ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी शाबेज खान समेत 11 पुलिसकर्मियों को एक नोटिस जारी किया है। डीसीपी ने इस नोटिस में ‘दैनिक भास्कर’ की खबर का जिक्र किया है। डीसीपी ने सभी पुलिस कर्मियों को उनके सूरजपुर स्थित कार्यालय में आकर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है। पत्र में डीसीपी ने यह भी कहा है कि अगर पुलिसकर्मी बयान देने के लिए नहीं आते हैं तो यह माना जाएगा कि इस प्रकरण में उन्हें कुछ नहीं कहना और एक पक्षीय कार्रवाई कर दी जाएगी।