जानिए एशिया के सबसे बड़े CNG प्लांट की खूबियां, पीएम मोदी ने किया जिसका उद्घाटन

Asia Largest Bio CNG Plant In Indore- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया जिस प्लांट का लोकार्पण, जानिए क्यों है इतना खास…।

भोपाल/इंदौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर ने नई इबारत लिख दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एशिया के सबसे बड़े प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह सीएनजी प्लांट 150 करोड़ की लागत से बनाया गया है, जिसमें 550 मीट्रिक टन गीले कचरे का निस्तारण होगा। वहीं 17 हजार 500 किलो बायो और 100 मीट्रिक टन कंपोस्ट खाद हर दिन बनेगी। इससे जो गैस बनेगी उससे 400 से अधिक बसें चलाई जाएंगी, वहीं शहरवासियों को भी सीएनजी गैस की सप्लाई की जाएगी।

pm_modi.jpg

इंदौर ने अन्य शहरों को दिखाई दिशा

स्वच्छ शहरों में पर्यटन बढ़ता है कितने ही लोग तो इसलिए इंदौर आते हैं कि जाकर देखें कि वहां सफाई का काम कैसे होता है। इंदौर ने अन्य शहरों को दिशा दिखाने वाला काम किया है। जहां जल स्रोत साफ होते हैं, नाले का गंदा पानी उनमें नहीं गिरता है तो एक अलग ही जीवन ऊर्जा उस शहर में आ जाती है। सरकार का प्रयास है कि भारत के ज्यादा से ज्यादा शहर वाटर प्लस बने। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण पर जोर दिया जा रहा है। एक लाख से कम आबादी वाले जो नगर निकाय है, वहां गंदे पानी के ट्रीटमेंट की सुविधा बढ़ाई जा रही है।

पहाड़ों से मुक्ति मिले
आने वाले दो लक्ष्यों में हमारे हरों को कू़ड़े के पहाडों से मुक्ति मिल सकेगी। इस पर काम किया जा रहा है। देश को सिंगल मुक्त प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने के लिए 1600 से अधिक नगरीय निकायों में प्रयास किया जा रहा है।
रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
गोवर्धन प्लांट से इंदौर को 17 से 18 हजार किलो बायो सीएनजी मिलेगी, 100 टन जैविक खाद भी रोजाना निकलेगी। सीएनजी के कारण प्रदूषण कम होगा और प्रत्येक व्यक्ति जीवन जीने में उसकी सुविधा बढ़ेगी। इसी प्रकार से जैविक खाद से हमारे धरती मां को भी नया जीवन मिलेगा। धरती का कायाकल्प होगा। इस सीएनजी से 400 बसें चलाई जा सकेंगी। सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिलने वाला है। यहग्रीन जॉब को बढ़ाने में मदद करेगा।
दो वर्षों में बदल जाएगी स्थिति

इंदौर का गोवर्धन प्लांट अब दूसरे शहरों को भी प्रेरणा देगा। आने वाले दो वर्षों में देश के 75 बड़े नगरीय निकायों में इस प्रकार के बायो सीएनजी प्लांट बनाने पर काम किया जा रहा है। यह भारत के शहरों को स्वच्छ बनाने, प्रदूषण रहित बनाने, क्लीन एनर्जी की दिशा में बहुत मदद करेगा। अब तो शहरों में ही नहीं, बल्कि गांवों में भी हजारों की संख्या में गोवर्धन बायो गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनसे हमारे पशु पालकों को गोबर से भी अतिरिक्त आय मिलनी शुरू हुई है। हमारे गांव में किसानों को जो बेसहारा जानवरों से दिक्कतें होती है, वो दिक्कतें भी कम हो जाएंगी। यह सारे प्रयास भारत के प्राइवेट कमिटमेंट को भी पूरा करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल कार्यक्रम में एशिया के सबसे बड़े सीएनजी प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दोनों ही भोपाल से वर्चुअल रूप से जुड़े थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम से पहले ट्वीट करके कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की प्रेरणा से इंदौर ने ‘waste to wealth’ के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हमें गर्व है कि गीले कचरे से सीएनजी बनाने वाले इस एशिया के सबसे बड़े गोबर-धन प्लांट का आज प्रधानमंत्री जी वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।

यह है इस प्लांट की खासियत

  • 20 साल के लिए जर्मनी की कंपनी से पीपीपी मॉडल के तहत साझेदारी।
  • 2.52 करोड़ रुपए हर साल कंपनी नगर निगम को देगी।
  • 96 फीसदी मिथेन गैस प्लांट में बनेगी, पचास फीसदी गैस उद्योगों को बेची जाएगी।
  • 5 रुपए कम में नगर निगम को आधी गैस मिलेगी।
  • 400 से अधिक सिटी बसों का संचालन सीएनजी गैस से होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *