MP-TET का पेपर शुरू होने से पहले ही स्क्रीनशॉट लिए गए; एग्जाम के दौरान कैंडिडेट्स तक आंसर-की पहुंच चुकी थी
व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय का दावा…..
मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के पेपर के वायरल स्क्रीनशॉट के मामले में व्हिसल ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, स्क्रीनशॉट में साफ दिख रहा है कि सभी चार ऑप्शन A, B, C और D के गोले भरे नहीं हैं। इससे स्पष्ट है कि यह स्क्रीनशॉट पेपर शुरू होने के पहले लिए गए हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान ही कैंडिडेट्स को यह मिल चुके होंगे। जांच में भी साफ हो चुका है कि स्क्रीनशॉट सही हैं। शनिवार को ….. ने डॉ. राय से मामले …….
डॉ. राय ने कहा कि जब स्क्रीनशॉट सही हैं, तो मैंने कैसे कूट रचित दस्तावेज जारी कर दिए। मैंने सिर्फ इतना पूछा कि स्क्रीनशॉट पर लिखा लक्ष्मण कौन है? ये उस तक कैसे पहुंची, उसकी जांच होना चाहिए। इस परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए। सरकार को मामले की जांच सीबीआई से कराना चाहिए। आनंद राय ने शनिवार को क्राइम ब्रांच भोपाल पहुंचकर मामले से जुड़े दस्तावेज दिए।
बोले- मैं किसी पार्टी का नहीं
डॉक्टर राय ने कहा कि मैं किसी पार्टी के पक्ष में नहीं हूं। मैंने एक और बात कही थी, जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। राजस्थान में एक रीट घोटाला है। वहां कांग्रेस की सरकार है। उसे भी मैंने ही एक्सपोज किया था। उस परीक्षा को निरस्त कराया। मेरा एक्ट राजनीति से प्रेरित नहीं है। हम दोनों पार्टियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। व्हिसल ब्लोअर होने के कारण लोगों की ज्यादा उम्मीद रहती है, क्योंकि वे सामने नहीं आ पाते हैं। ऐसे में हम उनकी तरफ से आवाज उठाते हैं।
क्राइम ब्रांच ने नहीं हमने उनसे पूछा- केस कैसे दर्ज किया
डॉ. आनंद ने बताया कि शनिवार को क्राइम ब्रांच के ऑफिस गए थे। वो हमसे क्या पूछेंगे? हमने ही उनसे पूछा कि आपने केस कैसे दर्ज किया? वे ऐसा नहीं कर सकते। मेरा पक्ष तो लेना पड़ेगा। मैंने कहा- कॉन्स्टीट्यूशन पढ़ा करो। धाराएं-वाराएं कुछ नहीं पता उनको। इस बात का उनके पास जवाब नहीं था। हम हाई कोर्ट में लड़ रहे हैं। वहीं उनको देख लेंगे। पीईबी गली-मोहल्लों की एजेंसियों से एग्जाम करवा रहा है। उनको मध्यप्रदेश के बरोजगारों का भविष्य उनके हाथ में सौंप दिया है। ये लोग कमीशन देकर ठेका लेते हैं। फिर निकल जाते हैं एजेंट की तलाश में।
यह है मामला
भोपाल के अजाक थाने में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री और मीडिया प्रभारी केके मिश्रा और व्यापमं के व्हिसल ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय के खिलाफ 6 दिन पहले केस दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय में उपसचिव लक्ष्मण सिंह मरकाम ने केस दर्ज कराया है। दोनों के खिलाफ अनुसूचित जनजाति निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। लक्ष्मण सिंह का आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए उनकी छवि धूमिल की है। बाद में मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।