पटना में नीतीश के ‘Bulldozer प्लान’ से मचा बवाल; पुलिस पर चले पत्थर, अफसरों के फूटे सिर
बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर इलाके में अवैध निर्माण को हटाने का फैसला प्रशासन को भारी पड़ रहा है। यहाँ अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस पर ही लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
बाहरी तत्वों ने मचाया उत्पात
पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “ये हाउज़िंग बोर्ड की जमीन है। इसमें हमने सरकारी उद्देश्य के लिए 40 एकड़ जमीन को चिन्हित किया है। इसी के तहत यहाँ इलाके को खाली कराने के लिए एक्शन लिया गया। इसी दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने उत्पात मचाया। इसमें कुछ बाहरी तत्व और माफिया भी से जुड़े लोग भी शामिल हैं।”
सरकारी जमीन की अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त
उन्होंने आगे जानकारी दी कि “पटना की सरकारी जमीन का ये लोग रोक के बावजूद क्रय-विक्रय कोलकाता से, मुंबई से हाजीपुर से कर रहे हैं। अब ये लोग अनौपचारिक तरीके से आपस में लेन-देन कर रहे हैं। ये लोग अपने गुंडों को लगाकर पावर ऑफ अटर्नी बनवाते हैं, जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इस जमीन को जब खाली करवाने के लिए हमारी टीम पहुंची तो उनपर इन लोगों ने पथराव किया। आगजनी की। गैस सिलिन्डर निकाल कर विस्फोट कराया। इसके बाद हम और SSP स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यहाँ पहुंचे हैं।”
पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि “पुलिस यहाँ 90 स्ट्रक्चर को तोड़ने पहुंची हैं। इन्हें घर नहीं कहेंगे, क्योंकि ये अर्धनिर्मित हैं, तो कई केवल दीवारों से घिरे हैं, और कई घरों में कोई नहीं रहता है। आवास बोर्ड की जो जमीन है उसपर मकान अवैध तरीके से बनाए गए हैं। यहाँ जो घर हैं जिसमें लोग रह रहे हैं उन्हें पर्याप्त समय दिया गया है स्थान खाली करने के लिए।”
पुलिस घंटों से अतिक्रमण हटाने के प्रयासों में जुटी है
दरअसल, प्रशासन के इस एक्शन से गुस्साये लोग पहले से ही तैयारी करके बैठे थे और जैसे ही टीम पहुंची उसपर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। वहीं, स्थिति को काबू करने के लिए आँसू गैस के गोले भी बरसाए। पुलिस पिछले कई घंटों से अतिक्रमण को हटाने में जुटी है लेकिन उसके लिए ये कठिन होता जा रहा है। अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती भी कर दी गई है फिर भी पुलिस के लिए स्थिति को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है।