एनआरआई और प्रवासी मजदूरों को मतदान का मौका देने के लिए बनेगा कानून
सरकार के आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बंद की सुनवाई …
सुप्रीम कोर्ट ने NRI को वोट देने के अधिकार की सुनवाई को रोक दिया. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि न सिर्फ NRI भारतीयों को बल्कि भारत में ही अपने राज्य से बाहर काम कर रहे लोगों को भी मतदान का मौका दिया जाएगा.
भारत से बाहर रह रहे NRI नागरिकों को मतदान का अधिकार देने के मामले पर लंबित याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दी है. कोर्ट ने कहा है कि “2013 में दाखिल इस याचिका में रखी गई मांग से सरकार और चुनाव आयोग सहमत हैं. ऐसे में कोर्ट इसका इंतजार नहीं कर सकता कि NRI वोटिंग शुरू होने तक सुनवाई जारी रखें”.
केंद्र सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने कहा कि न सिर्फ NRI भारतीयों को बल्कि भारत में ही अपने राज्य से बाहर काम कर रहे लोगों को भी मतदान का मौका दिया जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर भी विचार चल रहा है. ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित न हो सके.” कोर्ट ने इस पर संतुष्टि जताई.
चुनाव आयोग ने कमेटी बनाई
चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित ने अपने सामने रखे गए गए रिकॉर्ड को पढ़ते हुए कहा, “2013 में हमने नोटिस जारी किया था. चुनाव आयोग ने NRI और प्रवासी मजदूरों को मतदान का मौका देने पर विचार करने के लिए कमिटी बनाई. कमेटी की सिफारिश को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया.”