इटावा सफारी में 53 दिनों में 9 वन्यजीवों की मौत !

इटावा सफारी में 53 दिनों में 9 वन्यजीवों की मौत …

31 अगस्त को एक तेंदुए की हुई मौत, 20 घंटे बाद प्रबंधन ने दी जानकारी

5 शावक, एक भालू, एक मादा चीतल, दो तेंदुओं की मौत से सफारी प्रबन्धन पर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मौत की वजह जानने के लिए तेंदुए के शव को आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। सपा जिलाध्यक्ष ने भी सफारी प्रबंधन पर सवालिया निशा खड़े करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा था। सफारी में हो रही वन्यजीवों की मौत पर जांच करवाने की बात कही थी।

बता दें शुक्रवार को इटावा सफारी प्रशासन की ओर से प्रेस जारी करते हुए एक तेंदुए की मौत की जानकारी दी है। सामाजिक वानिकी प्रभाग, बिजनौर के नगीना रेंज के ग्राम दयालपुरा से 26-27 अगस्त की रात में रेस्क्यू कर इटावा सफारी पार्क में तेंदुआ लाया गया था। रेस्क्यू कर लाया गया तेन्दुआ पूर्ण वयस्क व पशु चिकित्सक द्वारा शारीरिक परीक्षण पर स्वस्थ पाया गया था। रेस्क्यू कर लाए गए तेन्दुआ की सघन निगरानी एवं देखभाल डा राॅबिन यादव द्वारा की जा रही थी। लेकिन 31 अगस्त की रात करीब 9 बजे तेंदुए की मौत हो गई है। हालांकि सफारी प्रबंधन इस बात की जानकारी 20 घंटे बाद दी।

सफारी निदेशक दीक्षा भंडारी की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि चिकित्सकीय उपचार के दौरान 30 अगस्त को शाम 04.15 बजे से तेन्दुआ को फिट्स (दौरे) आने लगे। तेन्दुए के जंगली होने के कारण Neurological जटिलता होने की आशंका को देखते हुए सघन चिकित्सकीय उपचार जयपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डा अरविन्द माथुर, कानपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक मो नासिर एवं इटावा सफारी पार्क के पशु चिकित्सक डा राॅबिन सिंह यादव द्वारा किया जा रहा था। चिकित्सकीय उपचार के बावजूद नर तेंदुए की 31 अगस्त 8.50 बजे पर मृत्यु हो गई। चूंकि तेन्दुआ जंगल से रेस्क्यू कर लाया गया था। वन्यजीव चिकित्सों के सुझाव पर तेन्दुए के शव को आईवीआरआई बरेली को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

समाजवादी सरकार में स्थापित हुई इटावा सफारी पार्क में लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव बेहद गंभीर हैं।

सपा प्रमुख जहां खुद अपने ट्विटर (एक्स) पर सफारी की बदइंतजामी पर कई बार सवाल खड़े कर चुके हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष होने के नाते विधानसभा में भी इटावा सफारी पार्क में सफारी प्रबंधन को लेकर सवाल उठा चुके हैं।

सफारी में अब तक हुईं वन्यजीवों की मौत

शेरनी लक्ष्मी 30 अक्टूबर 2014

शेर विष्णु 16 नवंबर 2014

शेरनी हीर के दो शावक 18 जुलाई 2015

शेरनी ग्रीष्मा के दो शावक 21 जुलाई 2015

ग्रीष्मा का एक शावक 14 अगस्त 2015

शेरनी तपस्या 8 जनवरी 2016

शेर कुबेर 2 जून 2016

शेरनी ग्रीष्मा 8 नवंबर 2016

घायल लैपर्ड शिशु 27 सितंबर 2017

भालू शंकर 24 दिसंबर 2017

एक हिरन 5 जनवरी 2018

शेरनी कुंवरि 4 फरवरी 2018

जेसिका का शावक 12 जुलाई 2019

गुजरात का शेर तौकीर 12 अक्टूबर 2019

शेर मनन 10 जून 2022

शेरनी तेजस्विनी 6 दिसंबर 2022

शेरनी जेसिका का शावक 4 फरवरी 2023

शेरनी सोना के पांच शावक 8 जुलाई से 13 अगस्त 2023 के मध्य

मादा भालू कूनी 12 अगस्त 2023

बिजनौर से लाया गया तेंदुआ 19 अगस्त 2023

डियर सफारी में अजगर हमले में चीतल की मौत 25 अगस्त 2023

बिजनौर से लाया गया नर तेंदुआ 31 अगस्त 2023

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