मध्य प्रदेश में अब डीजीपी को मिलने वाली शिकायतों का 30 दिन में होगा निराकरण !
मध्य प्रदेश में अब डीजीपी को मिलने वाली शिकायतों का 30 दिन में होगा निराकरण
मध्य प्रदेश में अब जनता की समस्याओं को लेकर एक नई शुरुआत की गई है। डीजीपी को जो शिकायतें पहुंचती हैं
- अधिकारियों को समझाया गया कि कैसे काम करेंगे।
- घटनास्थल का निरीक्षण करते समय वीडियोग्राफी करेंगे।
- जांच के दौरान आवेदक से शिष्टतापूर्ण व्यवहार करेंगे।
भोपाल। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मिलने वाली शिकायतों का निराकरण 30 दिन में किया जाएगा। डीजीपी ने गुरुवार को एडीजी (शिकायत एवं मानव अधिकार) डीसी सागर को इसके लिए निर्देशित किया है।
शिकायतों को विधि, पारदर्शिता, साक्ष्यों व साक्षियों के कथनों के आधार पर निराकरण करने के लिए कहा है। डीसी सागर ने पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर शिकायतों के निराकरण के लिए रोडमैप भी दिया है।
इसके अनुसार डीजीपी मानिट की शिकायतों की जांच में जांचकर्ता अधिकारी घटनास्थल पर जाकर परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के कथन, दस्तावेजी साक्ष्य का संकलन विधिसम्मत तरीके से करेंगे।
जांच के दौरान आवेदक से शिष्टतापूर्ण व्यवहार करेंगे। घटनास्थल के निरीक्षण एवं कथन लेते समय वीडियोग्राफी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि डीजीपी के पास पुलिस के थाने या चौकियों में पदस्थ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं के साथ दुर्व्यहार, शिकायत की कोई जांच न करना, घटनास्थल या मौके पर नहीं पहुंचना, संज्ञेय अपराध होने पर भी अपराध दर्ज न करना, पीड़ितों का मेडिकल नहीं कराकर थाने से भगाना, पारिवारिक हिंसा आदि शिकायतें आती हैं।