वो 5 राज्य, जहां वक्फ की हैं सबसे ज्यादा संपत्तियां?
यूपी, बंगाल और पंजाब…वो 5 राज्य, जहां वक्फ की हैं सबसे ज्यादा संपत्तियां?
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में वक्फ की अचल संपत्ति को लेकर एक रिपोर्ट शेयर किया. रिपोर्ट के मुताबिक वक्फ के नाम से 16,713 चल संपत्तियां और 872,328 अचल संपत्तियां पंजीकृत हैं.

वक्फ बिल 2025 को जेपीसी परीक्षण के बाद मोदी सरकार ने संसद में पेश कर दिया है. बिल पर दोनों सदनों में बहस के बाद वोटिंग कराई जाएगी. संसद से पास बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति के मुहर लगते ही 66 साल पुराने वक्फ के कई कानून बदल जाएंगे. कानून के बदलने का सीधा असर वक्फ की संपत्तियों पर होगा. यही वजह है कि मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ विपक्षी पार्टियां भी इस बिल का मुखर विरोध कर रही है.
वक्फ बोर्ड आखिर है क्या?जो शख्स अपनी संपत्ति अल्लाह के नाम से दान करते हैं, उसे वक्फ कहा जाता है. भारत में वक्फ की संपत्ति मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह, मजार और नुमाइश के रूप में है. यहां दिल्ली सल्तनत के वक्त वक्फ की अवधारण आई है.
कहा जाता है कि सुल्तान मुइज़ुद्दीन सैम गौर ने मुल्तान में पहली बार संपत्ति को वक्फ की थी. उन्होंने उस वक्त दो गांव दान किया था. भारत में वर्तमान में 32 वक्फ बोर्ड है. एक केंद्रीय वक्फ परिषद है, जो इसकी निगरानी के लिए गठित है.
बिहार और उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी समुदाय का अपना-अपना वक्फ बोर्ड है. हालांकि, संपत्ति के मामले में दोनों ही राज्यों में सुन्नी समुदाय शिया पर भारी है.
वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्ति कहां?2022 में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में वक्फ की अचल संपत्ति को लेकर एक रिपोर्ट शेयर किया. रिपोर्ट के मुताबिक वक्फ के नाम से 16,713 चल संपत्तियां और 872,328 अचल संपत्तियां पंजीकृत हैं. राज्यवार देखा जाए तो इस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है.
मंत्रालय के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वक्फ के पास 214707 संपत्तियां है. इनमें सुन्नी समुदाय के पास 199701 संपत्ति है. शिया समुदाय के पास 15006 संपत्ति है. यूपी के बाद पश्चिम बंगाल का नंबर है.
बंगाल में वक्फ के पास 80480 संपत्ति है. इसी तरह तमिलनाडु में 60223, कर्नाटक में 58578 और पंजाब में 58608 संपत्ति वक्फ बोर्ड के पास है. असम और जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा मुसलमान रहते हैं.
असम में वक्फ के पास 1616 और जम्मू कश्मीर में 32506 संपत्ति है. वक्फ के पास संपत्ति दादरा नागर और हवेली में 32 है. इसके बाद चंडीगढ़ में 34 और मेघालय में 58 है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वक्फ के पास 1047 संपत्ति है.
संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?राजनीतिक कारणों को छोड़ दिया जाए तो पूरे देश में आधिकारिक तौर पर वक्फ के पास 7 लाख से ज्यादा अचल संपत्ति है. वहीं वक्फ के पास ऐसी भी संपत्तियां है, जिसका कागज नहीं है. 1954 के कानून में उन संपत्तियों को वक्फ के द्वारा उपयोग कर बोर्ड के अधीन लाया गया था.
हालांकि, नए नियम में इसे खत्म करने की तैयारी है. इसी तरह वक्फ बोर्ड में पहले सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोग रहते थे. अब इसके भीतर 2 सदस्य गैर-मुस्लिम को भी करने की तैयारी है.

Waqf Property
वक्फ बोर्ड पर अवैध तरीके से संपत्ति बेचने और संपत्ति कब्जाने का आरोप भी लगा है. प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक अल्पसंख्यक मंत्रालय को इस संबंध में साल अप्रैल, 2022 से मार्च, 2023 तक
मंत्रालय ने प्राप्त शिकायतों की प्रकृति और मात्रा का विश्लेषण किया है और पाया है कि अप्रैल, 2023 से प्राप्त 148 शिकायतें अतिक्रमण, वक्फ भूमि की अवैध बिक्री, सर्वेक्षण और पंजीकरण में देरी और वक्फ बोर्डों और मुतवल्लियों के खिलाफ संबंधित हैं.
हालांकि, इस तरह की शिकायतों पर क्या एक्शन हुआ, इसकी रिपोर्ट सरकार ने नहीं दिया है.