रिश्वत मांगने सहित गंभीर धाराओं में इंस्पेक्टर सहित 8 पुलिकर्मियों पर दर्ज हुई FIR !
रायबरेली में तैनात कोतवाल-दरोगा पर उन्नाव में FIR, साथ में नपे 6 और पुलिसकर्मी; रिश्वत नहीं देने पर पीटा था
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में साल 2021 में एक पिता और पुत्र के साथ पुलिस की बर्बरता के मामले में 8 पुलिकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. यह मुकदमा कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज किया गया है. पीड़ित का आरोप है कि प्लाट निर्माण के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की एक टीम ने उनसे रिश्वत मांगी थी. इसी के साथ उनके साथ मारपीट भी हुई थी.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 2021 में प्लाट निर्माण करने के दौरान पिता-पुत्र से घूस मांगने और पिटाई कर जेल भेजने के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद 8 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया. इन पुलिसकर्मियों ने पिता और बेटे से प्लाट निर्माण के दौरान रिश्वत की मांग की थी. इस दौरान जब उन्होंने रिश्वत देने से मना किया और पुलिसकर्मियों की वीडियो बनानी शुरू कर दी तो पुलिस ने पहले दोनों बाप-बेटों की पिटाई और फिर जेल भेज दिया था.
सदर कोतवाली क्षेत्र के ज़ुराखनखेड़ा में रहने वाले कमल किशोर ने हाई कोर्ट में प्रार्थनापत्र देते हुए 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद माखी थाने में एक मुकदमा हुआ है. न्यायालय में प्रार्थना पत्र देते हुए उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 24 फरवरी 2021 में जब वह माखी थाना क्षेत्र के चकलवंशी से संडीला रोड पर अपने प्लाट पर निर्माण कार्य करा रहे थे. इस दौरान दोपहर करीब 2:30 बजे माखी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन कुमार सोनकर, दरोगा विनोद कुमार और स्वदेश कुमार सहित चार कास्टेबल और एक अज्ञात ड्राइवर उनके उनके निर्माणाधीन प्लाट आए और उन्हें काम रोकने के लिए कहने लगे और कार्य रुकवा दिया.
पैसों की थी मांगकमल किशोर के अनुसार उसने SDM की मदद से अपने जमीन की पैमाईश करवाई थी. जमीन सही होने पर वह निर्माण करवा रहे थे. बाबजूद उसके तत्कालीन माखी इंस्पेक्टर पवन सोनकर सहित 8 पुलिककर्मी ने उनके प्लाट पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा था और फिर वह पैसों की मांग करने लगे थे. कमल किशोर ने बताया कि तभी मेरे बेटे संकल्प ने अपने मोबाइल से पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया था.
वीडियो बनाने पर पिटाईइस बाद पुलिसकर्मियों मुझे और बेटे को पकड़कर पीटने लगे और वह बाद में वह मुझे जीप में बेठा थाने ले आए, यहां भी उन्होंने मेरी जमकर पिटाई और फिर उन्होंने मेरे खिलाफ शांतिभंग के मामले में केस दर्ज कर मुझे जेल भेज दिया. जेल से छूटने के बाद पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई और कार्यवाही नहीं की गई. इसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था.
आठ पुलिसकर्मियों पर FIRकोर्ट के आदेश के बाद आठ आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ 20 मार्च 2025 को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था. आरोपियों पर कोर्ट के आदेश के बाद पांच गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वर्तमान में इंस्पेक्टर पवन सोनकर और दरोगा स्वदेश कुमार की रायबरेली में तैनाती है.