भोपाल में झूठा केस बनाने …. महिला एसआई और हवलदार पर एफआईआर ?

- पुलिस की काली करतूत, एसआई और हवलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप।
- लोकायुक्त पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, भोपाल में पुलिस विभाग में मचा हड़कंप।
भोपाल। सूखी सेवनिया थाने में तैनात महिला एसआई स्वाती दुबे और हवलदार मुकेश कटारिया पर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। दोनों पुलिसकर्मी एक ईंट भट्ठा मालिक को झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर 50 हजार रुपये मांग रहे थे।
सूखी सेवनिया में ईंटों का भट्ठा चलाने वाले मोहम्मद फारुख के यहां नन्नी बाई नाम की महिला काम करती है। पिछले दिनों उसका 14 वर्षीय नाती लापता हो गया, तो उसकी गुमशुदगी सूखीसेवनिया थाने में दर्ज कराई गई। बाद में वह बच्चा छतरपुर जिले में सकुशल मिल गया।
उसी केस के नाम पर दोनों पुलिस वाले भट्ठा मालिक को परेशान करने लगे थे। लोकायुक्त की निरीक्षक उमा कुशवाह ने बताया कि मोहम्मद फारूक ने इसकी शिकायत की थी। उसमें बताया गया कि सूखी सेवनिया थाने की एसआई स्वाती दुबे और प्रधान आरक्षक उसे बच्चे के बरामद होने के बाद लगातार फोन कर उससे 50 हजार रुपये मांग रहे थे।
28 मार्च को लोकायुक्त पुलिस ने दोनों पुलिस कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। उनको एक तय स्थान पर बुलाया गया, वे आए लेकिन वहां ट्रैप का संदेह होने पर वे भाग निकले।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में एफआईआर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनको लोकायुक्त कार्रवाई की सूचना मिल गई थी। बाद में लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ मिले साक्ष्यों के आधार पर एसआई स्वाती दुबे और प्रधान आरक्षक मुकेश कटारिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है।
टीआई का भी नाम ले रहा है हवलदारलोकायुक्त पुलिस को बातचीत का जो रिकॉर्ड हाथ लगा है, उसमें हवलदार मुकेश, सूखी सेवनिया के टीआइ रामबाबू चौधरी का भी नाम लेते सुनाई दे रहा है। वह रुपये टीआई को देने की बात कह रहा है, इस पर एफआईआर में उनके नाम का भी जिक्र किया गया हैं।
एफआईआर दर्ज की गई है
सूखीसेवनिया थाने की एक महिला एसआई और प्रधान आरक्षक पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। – दुर्गेश राठौर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त