शराब दुकानों के संचालन को लेकर आबकारी में मारामारी,ब्रिकी में टॉप दुकानों का ही करेंगे संचालन

ग्वालियर।  हाईकोर्ट निर्देश पर ठेकेदारों द्वारा शराब ठेकों के सरेंडर करने का क्रम जारी है। ऐसे में पुन: ठेके देने तक शराब दुकानों के संचालन को लेकर आबकारी विभाग चक्करघन्नी हो गया है। क्योंकि 2000 से ज्यादा शराब दुकानें बंद होने पर संचालन के लिए आबकारी के पास स्टॉफ नहीं है। जिसके चलते विभाग सभी को छोड़ केवल ब्रिकी में टॉप दुकानों का ही संचालन करने जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आबकारी विभाग को 2310 देशी व 1050 विदेशी मदिरा की दुकानों से रिजर्व प्राइज 10658 करोड़ राजस्व टारगेट मिला था। जिसका पीछा करते हुए नई नीति के तहत प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में दो-दो ग्रुप सहित 12 जिलों में एकल समूह के चलते 25 प्रतिशत कीमत ज्यादा पर आवंटित किए गए और बीते वर्ष की आबकारी नीति से ठेका निष्पादन के लिए 36 जिलों के शराब ठेके 25 प्रतिशत ज्यादा राजस्व देने पर नवीनीकृत करने की प्रक्रिया हुई। लेकिन प्रदेश में 32 से ज्यादा जिलों में लॉकडाउन के चलते 70 फीसदी लायसेंसी ठेकेदार शराब ठेका छोड़ने को तैयार हैं। यहीं कारण है कि शराब दुकानों की बैंक गारंटी न देने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया और अब आदेश के बाद ठेके सरेंडर किए जा रहे है। सभी शराब दुकानों का संचालन संभंव नहीं है, चुनिंदा दुकानों से ब्रिकी की व्यवस्था शुरू करेंगे। साथ ही ठेके पुन: निष्पादन की प्रोसेस भी की जाएगी।

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