ग्वालियर …..स्मैक, थाना विवि और कोर्ट की चिट्ठी पे चिट्ठी, नतीजा-शून्य ?
जब्त स्मैक कोर्ट में पेश करने ने SSP को भी लिखा था पत्र
- एनडीपीएस कोर्ट ने कोर्ट मोहर्रर, मालखाना प्रभारी, फिर टीआई को लिखे पत्र फिर भी कुछ नहीं हुआ
- मादक पदार्थ के कई केस पेंडिंग
पुलिस थाना विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के चलते स्मैक तस्करी के मामलों का निराकरण नहीं हो पा रहा। एनडीपीएस कोर्ट ने इस मामले में पहले कोर्ट मोहर्रर, मालखाना प्रभारी और फिर थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि आरोपियों से जब्त मादक पदार्थ (स्मैक) को पेश किया जाए। जब निर्देश की अनदेखी हुई तो सात अगस्त 2025 को कोर्ट ने ग्वालियर एसएसपी को पत्र लिखा। हालांकि, इसके तीन माह बाद भी विश्वविद्यालय पुलिस ने कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया। अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ को कोर्ट में पेश नहीं करने के कारण मामले अनावश्यक पेंडिंग पड़े हुए हैं। ऐसे ही एक मामले में मादक पदार्थ पेश नहीं करने पर ना केवल कोर्ट ने नाराजगी जताई थी, बल्कि आरोपी को बरी करने में पुलिस के इस कृत्य को भी जिम्मेदार ठहराया था।

