दिल्ली

पिछले 15 दिनों में 2900kg विस्फोटक जब्त; क्या दिल्ली ब्लास्ट आतंकी साजिश हो सकती है ?

लश्कर कमांडर ने कहा था- हाफिज सईद खाली नहीं बैठे
पिछले 15 दिनों में 2900kg विस्फोटक जब्त; क्या दिल्ली ब्लास्ट आतंकी साजिश हो सकती है

दिल्ली में सोमवार शाम चलती कार में हुए ब्लास्ट में अब तक 8 लोगों की मौत हो गई है, 24 घायल हैं। ब्लास्ट की वजह अभी साफ नहीं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनएसजी और एनआईए की टीमों ने एफएसएल के साथ मिलकर गहन जांच शुरू कर दी है। हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हम परिणाम जनता के सामने पेश करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी साजिश की आशंका जताई जा रही थी। लश्कर कमांडर ने कहा था कि हाफिज सईद खाली नहीं बैठे हैं। 10 नवंबर को ही 2900 किलो विस्फोटक बरामद किए गए थे।

महीनों की आतंकी गतिविधियों को ट्रैक किया है…

सितंबर 2025: लश्कर आतंकी ने पीएम मोदी को अंजाम भुगतने की धमकी दी

  • लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने पीएम नरेंद्र मोदी को धमकी दी कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय बांधों, नदियों और इलाकों पर कब्जा करने की कोशिशें की जाएंगी।
  • कसूरी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार और सेना आतंकवादी संगठन को मुरीदके में अपना मुख्यालय फिर से बनाने के लिए धन मुहैया करा रही है, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तबाह कर दिया गया था।

सितंबर 2025: बम ब्लास्ट की तैयारी कर रहा आतंकी गिरफ्तार

  • 15 सितंबर को यूपी ATS ने सहारनपुर से बिलाल खान को गिरफ्तार किया, जिसने 4 हजार से ज्यादा फोन नंबरों से पाकिस्तान में अल कायदा के हैंडलर से संपर्क किया था।
  • पाकिस्तानी हैंडलर उसे आतंकी हमले की योजना को लेकर लगातार निर्देश भेज रहे थे। वह सोशल मीडिया पर जिहादी तकरीरें फैला रहा था।
पुलिस ने कई दिनों तक बिलाल से पूछताछ की, जिसके बाद उसके पाकिस्तान के अलकायदा से संबंध की बात सामने आई।
पुलिस ने कई दिनों तक बिलाल से पूछताछ की, जिसके बाद उसके पाकिस्तान के अलकायदा से संबंध की बात सामने आई।

अक्टूबर 2025: पीओके में हाईलेवल मीटिंग

  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर में पीओके में एक हाइलेवल मीटिंग हुई थी। इसमें ISI के अधिकारी, जमात-ए-हिंद और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी भी शामिल थे।
  • इस मीटिंग में ISI ने भारत पर हमले बढ़ाने के आदेश दिए थे। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेरर सेल को फिर से शुरू करने पर जोर दिया गया।

अक्टूबर 2025: जम्मू कश्मीर से पाकिस्तानी हथियार और विस्फोटक बरामद

  • 4 अक्टूबर को सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने पूंछ से हथियार और विस्फोटक बरामद किए थे। यह हथियार पाकिस्तान में बने थे।
  • सेना ने एक बयान में कहा, ‘5 अक्टूबर को विश्वसनीय इनपुट के आधार पर भारतीय सेना के रोमियो फोर्स द्वारा झूलास क्षेत्र में एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया गया था, जहां तलाशी के दौरान एक संदिग्ध आतंकवादी का बैग मिला, जिसमें भारी मात्रा में पाकिस्तानी मूल के एके 47 और पिस्तौल के राउंड और IRCIED, टाइम्ड डिस्ट्रक्शन IED, स्टोव IED, IED के लिए विस्फोटक और चीनी ग्रेनेड जैसे एडवांस्ड विस्फोटक मिले।’

अक्टूबर 2025: ऑपरेशन सिंदूर के बदले की तैयारी में हाफिज सईद

  • सोशल मीडिया पर लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर सैफुल्लाह सैफ का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो दावा कर रहा है, ‘हाफिज सईद खाली नहीं बैठे हैं, वो बांग्लादेश के रास्ते भारत पर हमले की तैयारी कर रहे हैं।’
  • सैफ ने दावा किया है, ‘इब्तिसाम इलाही जहीर बांग्लादेश पहुंच गया है। हिंदुस्तान उसे बांग्लादेश का राइट हैंड बता रहा है। वो बांग्लादेश में कश्मीर और फिलिस्तीन की बात कर रहा है। लश्कर के आतंकी बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसेंगे और पूरी दुनिया में मुसलमानों की आवाज बनेंगे।’
  • सैफ ने लश्कर की इस प्लानिंग को ऑपरेशन सिंदूर का जवाब बताया है। ये वीडियो 30 अक्टूबर का बताया जा रहा है, जिसमें सैफ छोटे बच्चों को जिहाद के रास्ते पर चलने और भारत के खिलाफ हथियार उठाने के लिए उकसा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा वही आतंकी संगठन है जो भारत में 2001 संसद हमले और 2008 मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है।

नवंबर 2025: हमले की प्लानिंग कर रहे आतंकी विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार

  • गुजरात में 8 नवंबर को हैदराबाद के 35 साल के डॉक्टर हमद मोहियुद्दिन सैयद को पकड़ा गया। उसके पास से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए लाए गए हथियार और खतरनाक जहर “रिसिन” बनाने के सामान बरामद हुए हैं। सैयद के पास दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस, 4 किलो कास्टर बीन्स का गूदा (जिससे रिसिन तैयार किया जाता है) मिला।
  • वह IS समर्थित एक आतंकवादी साजिश का मुख्य आरोपी है, जिसका लक्ष्य भारत के कई शहरों में हमले करना था। इस साजिश में दो अन्य आरोपी भी शामिल थे- यूपी के शामली का एक दर्जी और यूपी के लखीमपुर खेरी का एक छात्र।
  • सैयद के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच से यूपी के अज़ाद सुलैमान शेख (20) और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम खान (23) को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दोनों डॉक्टर को हथियार और कारतूस सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, सैयद ने MBBS की डिग्री चीन से हासिल की है।
गुजरात ATS ने जिन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है उसमें से एक ने चीन से पढ़ाई की है। इनके पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान से भी संबंध है।
गुजरात ATS ने जिन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है उसमें से एक ने चीन से पढ़ाई की है। इनके पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान से भी संबंध है।

नवंबर 2025: दिल्ली के पास से विस्फोटक बरामद

  • जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लखनऊ तक 15 दिन अभियान चलाकर 2900 किलो विस्फोटक (संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट) जब्त किया है। इस कार्रवाई में फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल शकील और लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया गया है।
  • मुजम्मिल शकील के कमरे से रविवार को 360 किलो विस्फोटक और AK–56 राइफल पकड़ी गई। सोमवार को शाहीन की कार से कश्मीर में AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है।
  • डॉक्टर मुजम्मिल फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। यह पुलवामा के कोइल का रहने वाला है। डॉक्टर शाहीन उसकी गर्लफ्रेंड है। मुजम्मिल, डॉक्टर शाहीन की कार इस्तेमाल करता था। उसने फरीदाबाद के धौज गांव में 3 महीने पहले किराए पर कमरा लिया था। वह यहां रहता नहीं था, केवल सामान रखने के लिए कमरा लिया था।
  • इससे पहले 7 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर (यूपी) से डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। वह अनंतनाग का रहने वाला है। आदिल अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में प्रैक्टिस करता था। उसने 2024 में वहां से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह सहारनपुर में प्रैक्टिस करने लगा।
  • जम्मू कश्मीर पुलिस ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आतंकियों के कब्जे से अब तक कुल 2900 किलो IED बनाने की सामग्री बरामद की गई है। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा हुआ था।
फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव के घर से 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद करके ले जाती पुलिस।
फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव के घर से 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद करके ले जाती पुलिस।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है और इसमें किन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था?

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। पहलगाम हमले में परिवार के सामने लोगों की हत्या की गई, उनके सिर में गोली मारी गई। बचे हुए लोगों से कहा गया कि वे इस हमले का संदेश पहुंचाएं।

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के उन अड्डों को निशाना बनाया गया, जो भारत में हमलों की साजिशों और आतंकियों के ट्रेनिंग सेंटर थे।

1. सवाई नाला, मुजफ्फराबाद: LoC से 30 किमी. दूर इस जगह लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हुए आतंकी हमले की ट्रेनिंग यहीं हुई थी। ये एक टेरर लॉन्चपैड की तरह काम करता था।

भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में मुजफ्फराबाद का सवाई नाला।
भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में मुजफ्फराबाद का सवाई नाला।

2. सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद: LoC से करीब 30 किमी ये जगह PoK में है, जहां जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा था। यहां आतंकियों को हथियार चलाने, विस्फोटकों के इस्तेमाल और जंगल में खुद को बचाए रखने की ट्रेनिंग दी जाती थी। ये एक आतंकी ट्रेनिंग सेंटर था।

3. गुलपुर, कोटली: LoC से करीब 30 किमी ये जगह PoK में मौजूद है, जहां लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा था। यहीं से राजौरी और पूंछ में आतंक की सप्लाई की जाती थी। 30 अप्रैल 2023 को पुंछ और 9 जून 2024 को तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले की ट्रेनिंग और प्लानिंग यहीं हुई थी। ये इलाका हमेशा से भारतीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर रहा है।

4. बरनाला कैंप, बिमभेर: PoK में मौजूद ये जगह LoC से महज 9 किमी है। यहां लश्कर- ए- तैयबा और जैश-ए- मोहम्मद का ठिकाना था। यहां आतंकियों को हथियार चलाने, IED इस्तेमाल करने, और जंगल में खुद को बचाए रखने की ट्रेनिंग दी जाती थी। ये एक ट्रेनिंग सेंटर था, जिसे आतंकवादियों का गढ़ माना जाता था।

5. अब्बास कैंप, कोटली: LoC से 13 किमी ये जगह PoK में है, जहां लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा था। यहां फिदायीन हमले की ट्रेनिंग दी जाती थी। यहां करीब 50 आतंकी रहते थे। ये एक टेरर लॉन्चपैड था, जहां से आतंकी भारत में घुसते थे।

6. मरकज सुभानअल्लाह, बहावलपुर: इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 100 किमी दूर ये इलाका जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का घर है। यहां की जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह परिसर में जैश का हेडक्वार्टर था। यहीं नए लोगों को भर्ती कर आतंकी बनाया जाता और उन्हें ट्रेनिंग दी जाती थी। आए दिन यहां आतंकियों के टॉप कमांडर देखे जाते थे।

7. मरकज तैय्यबा, मुरीदके: इंटरनेशनल बॉर्डर से 18-25 किमी दूर यहां लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर था। 200 एकड़ में फैली इस जगह से ही 2008 में आतंकवादी मुंबई आए थे, जिन्होंने हमला किया था। पाकिस्तान और कश्मीर से हजारों लड़ाकों को ट्रेनिंग देने और आतंकवादी अभियानों की योजना बनाने के लिए यहां लाया जाता है। अजमल कसाब और डेविड हेडली को यहीं ट्रेनिंग मिली।

8. सर्जल कैंप: इंटरनेशनल बॉर्डर से 6 किमी दूर इस जगह पर लश्कर-ए-तैयबा, जमात- उद- दावा जैसे आतंकी संगठनों के अड्डे थे। मार्च 2025 में जम्मू-कश्मीर पुलिस के 4 जवानों की हत्या की साजिश यहीं रची गई थी और यहीं से आए आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया था।

9. महमूना जोया, सियालकोट: LoC से 12-18 किमी दूर यहां हिजबुल मुजाहिदीन का ठिकाना था। यहीं से कठुआ और जम्मू में आतंक की सप्लाई की जाती थी। इसी जगह पर पठानकोट एयरबेस हमले की साजिश रची गई थी और अंजाम दी गई थी।

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