ग्वालियर : दीपावली बीती, अंधेरा कायम, शहर की 7500 स्ट्रीट लाइटें, अब भी बंद

खरीदी और सप्लाई में गड़बडिय़ां
स्मार्ट सिटी ने 10.89 करोड़ रुपए में फ्लोरिडा कंपनी को लाइट सप्लाई का ठेका दिया था। कंपनी ने 70 वाट की 1700 और 110 वाट की 200 लाइटें भेजीं, लेकिन जांच में सामने आया कि 70 वाट की अधिकांश लाइटों में ग्लास कवर नहीं थे और लाइटों का डाया भी मानक से छोटा था। परिणामस्वरूप 1700 लाइटें लौटा दी गईं। कंपनी ने यह कहते हुए सफाई दी कि ये लाइटें इमरजेंसी में भेजी गई थीं और त्योहार बाद नई खेप भेज दी जाएगी, पर आज तक सप्लाई नहीं हुई। इसके बाद कंपनी ने 70 वाट के 2000, 110 वाट के 1000 ड्राइवर, 2700 एचएसपी और 600 टाइमर भेजे, लेकिन निगम और स्मार्ट सिटी के पास पर्याप्त तकनीकी स्टाफ नहीं होने से यह सामग्री भी निरर्थक पड़ी हुई है।
इधर, स्मार्ट सिटी के अफसर पूर्व की एचपीएल कंपनी को ब्लैकलिस्ट होने से बचाने में जुटे होने की चर्चा भी तेज है। जबकि अधिकारियों का कहना है, कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया है, जानकारों के अनुसार अब तक कोई लिखित कार्रवाई सामने नहीं आई है।
नगर निगम के पास केवल 46 हेल्पर और 28 लाइनमैन हैं, जिनमें से 10-20 कर्मचारी नियमित रूप से अवकाश पर रहते हैं। स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य तेजी से नहीं हो पा रहा है। मेंटेनेंस के लिए निगम ने नए टेंडर जारी किए हैं, जो 17 नवंबर को ओपन होंगे। इसके बाद जांच और प्रक्रियाओं में करीब पंद्रह दिन और लग सकते हैं।
अभी लाइटों को लगातार सही किया जा रहा है और अधिकतर लाइटें चालू हो चुकी है। कंपनी द्वारा सामान भी भेजा गया है। जहां भी लाइटें बंद है उन्हें चालू करवाया जाएगा।
प्रदीप तोमर अपर आयुक्त नगर निगम

