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दहेज प्रथा और मृत्यु भोज के खात्मे का संकल्प…लिव इन रिलेशनशिप पर क्या बोला सर्वखाप पंचायत?

मुजफ्फरनगर: दहेज प्रथा और मृत्यु भोज के खात्मे का संकल्प…

लिव इन रिलेशनशिप पर क्या बोला सर्वखाप पंचायत?

मुजफ्फरनगर में तीन दिवसीय सर्वखाप पंचायत मंगलवार को संपन्न हुई, जिसमें देश भर से 15 हजार किसान, खाप चौधरी और आम लोग शामिल हुए. पंचायत ने 11 महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार प्रस्ताव पारित किए हैं.

मुजफ्फरनगर: दहेज प्रथा और मृत्यु भोज के खात्मे का संकल्प...लिव इन रिलेशनशिप पर क्या बोला सर्वखाप पंचायत?

सर्वजातीय खाप पंचायत

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव में तीन दिवसीय सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत मंगलवार को संपन्न हो गई. इस पंचायत में देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 15 हजार किसान, खाप चौधरी और आम नागरिक शामिल हुए थे. सर्वखाप पंचायत में 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए हैं, जो कि सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाएंगे. प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए कमेटी भी बनाई गई है.

मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के सोरम गांव में तीन दिन की सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत आयोजित की गई थी. इस पंचायत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के खाप चौधरी, किसान और आम लोग शामिल हुए, जिनकी संख्या करीब 15 हजार थी. यह पंचायत मंगलवार को संपन्न हुई. इसमें सर्वसम्मति से 11 प्रस्ताव पास किए गए हैं. इतना ही नहीं, इनको अमल कराने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है.

जानें क्यों हुई सर्वजातीय खाप पंचायत

दरअसल, सामाजिक कुरीतियों, परंपराओं और समाज में फैल रही बुराइयों पर मंथन करने के खाप पंचायत बुलाई गई थी. इसमें 36 बिरादरियों के खाप चौधरी और थंबेदार उपस्थित रहे. बालियान खाप के चौधरी और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष (BKU) राकेश टिकैत और बीकेयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पंचायत में शामिल हुए. तीन दिवसीय सर्वजातीय खाप पंचायत मंगलवार को पूरी होने के बाद राकेश टिकैट ने बताया कि पंचायत में 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए.

11 प्रस्ताव पास

साथ ही इन पर अमल कराने के लिए कमेटी का भी गठन किया गया है.पंचायत में कन्या भ्रूण हत्या रोकने, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, मृत्यु भोज (तेरहवीं) पर रोक, गौ संरक्षण, पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और नशाखोरी खत्म करने जैसे कई महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए. पंचायत ने लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध किया और लव मैरिज या कोर्ट मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी पास किया.

इसी के साथ पर्यावरण संरक्षण के तहत जन्मदिन या फिर किसी परिजन की मृत्यु के अवसर पर एक पेड़ लगाने का संकल्प भी लिया गया. पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि दहेज प्रथा, नशाखोरी, मृत्यु भोज और प्रेम विवाह जैसे कुल 11 प्रस्तावों पर पूर्ण सहमति बनी है, जिनके पालन के लिए एक विशेष कमेटी गठित कर दी गई है.

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