दिल्ली

बंगलूरू में फिल्मी स्टाइल में हुई 7 करोड़ की लूट का खुलासा, पुलिस कांस्टेबल समेत तीन गिरफ्तार

Bengaluru: बंगलूरू में फिल्मी स्टाइल में हुई 7 करोड़ की लूट का खुलासा, पुलिस कांस्टेबल समेत तीन गिरफ्तार

बंगलूरू पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा, ‘हमने ग्यारह टीमें बनाई थीं और इस काम के लिए 200 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया था। 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई और तीन को गिरफ्तार किया गया है।’

Police constable include two others held in Rs seven crore Bengaluru robbery hunt on for more suspects

सांकेतिक तस्वीर
बंगलूरू पुलिस ने शहर में हाल ही में हुई सात करोड़ रुपये की लूट का खुलासा कर दिया है और एक पुलिस कांस्टेबल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने लूटे गए सात करोड़ में से करीब पांच करोड़ रुपये भी बरामद कर लिए हैं। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर लूट में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। बंगलूरू पुलिस आयुक्त ने बताया कि लूट की इस घटना की जांच में 200 पुलिसकर्मी जुटे हैं।
कैसे नकली आरबीआई अफसर बनकर दिया गया लूट की घटना को अंजाम
बीते बुधवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सीएमएस इंफो सिस्टम्स की कैश वैन एचडीएफसी बैंक (जेपी नगर) से तीन कैश बॉक्स लेकर 22 किमी दूर एचबीआर लेआउट जा रही थी। अचानक जयनगर के अशोक पिलर के पास एक मारुति जेन कार ने वैन को रोक दिया। इसके साथ ही पीछे से एक इनोवा (एमयूवी) भी आकर रुकी। जेन कार में से तीन लोग उतरे और वैन के कर्मचारियों से बोले- ‘हम आरबीआई अधिकारी हैं, आपकी कंपनी पर नियम तोड़ने का आरोप है, बयान लेना है।’ इस घटना के दौरान कैश वैन में चार लोग थे- ड्राइवर बिनोद कुमार, कस्टोडियन आफताब और दो गनमैन राजन्ना व तम्मैया। स्टाफ बिना शक किए उनके साथ एमयूवी में बैठ गया और अपनी राइफलें वैन में ही छोड़ दीं। इसके बाद शातिरों ने डेयरी सर्किल इलाके में वैन से कैश बॉक्स निकालकर अपनी कार में डाला और चारों कर्मचारियों को वहीं छोड़कर फरार हो गए। 

5 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद
बंगलूरू पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अब तक 5.76 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं और बाकी रकम का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सिंह ने कहा, ‘हमने ग्यारह टीमें बनाई थीं और इस काम के लिए 200 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया था। 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई और तीन को गिरफ्तार किया गया है। इनमें CMS इंफोसिस्टम्स का एक पुराना कर्मचारी और गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं और लूट की घटना में शामिल एक अन्य शामिल है।’ 

बंगलूरू पुलिस आयुक्त ने कहा कि शामिल अपराधियों को ट्रैक करने के लिए सभी दक्षिणी राज्यों और गोवा में छह टीमें भेजी गईं। गैंग तीन महीने से लूट की योजना बना रहा था। उन्होंने कैश वैन के रास्ते का सर्वे किया और बिना CCTV कैमरों वाला रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि गैंग में लगभग छह से आठ लोग होने का अनुमान है, जो योजना बनाने, उसे अंजाम देने और अपराध के बाद कैश लाने-ले जाने में शामिल थे।

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