क्राइममध्य प्रदेश

डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाएगा यह QR कोड !!!!

डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाएगा यह QR कोड, मार्च अंत तक पूरे MP में लागू होगी सुविधा

अपराध होने पर तुरंत क्या करना है। यहां तक कि शिकायत के पोर्टल का भी लिंक खुल जाएगा। इसके लिए साइबर मुख्यालय प्रदेश भर में पार्किंग, बाजार से लेकर ऐसी सभी जगह क्यूआर कोड लगाने जा रहा है जहां लगभग सौ या अधिक लोग आते-जाते हैं। लोग जागरूक होंगे तो तुरंत शिकायत करेंगे, जिससे ठगी की राशि होल्ड कराने में भी आसानी होगी।डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाएगा यह QR कोड, मार्च अंत तक पूरे MP में लागू होगी सुविधाडिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाएगा यह QR कोड, AI Generated

  1. QR कोड स्कैन कर जानें साइबर सुरक्षा के उपाय और शिकायत का तरीका
  2. बाजारों और दफ्तरों में लगेंगे कोड, ठगी की राशि होल्ड कराना होगा आसान
  3. हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल का सीधा लिंक मिलेगा; मार्च से शुरू होगी सेवा

 भोपाल। साइबर अपराधों से बचने के उपाय किसी से पूछने या खोजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि साइबर अपराधों से कैसे बचना है। अपराध होने पर तुरंत क्या करना है। यहां तक कि शिकायत के पोर्टल का भी लिंक खुल जाएगा। इसके लिए साइबर मुख्यालय प्रदेश भर में पार्किंग, बाजार से लेकर ऐसी सभी जगह क्यूआर कोड लगाने जा रहा है जहां लगभग सौ या अधिक लोग आते-जाते हैं। लोग जागरूक होंगे तो तुरंत शिकायत करेंगे, जिससे ठगी की राशि होल्ड कराने में भी आसानी होगी। मार्च अंत तक यह सुविधा प्रारंभ करने की तैयारी है।

सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में लगेंगे कोड

सरकारी हो या निजी कार्यालय सभी जगह प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इसका प्रचार प्रसार भी किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग उपयोग करें। पुलिस अधीक्षक साइबर, प्रणय नागवंशी का कहना है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों का जागरूक होना अति आवश्यक है। साइबर मुख्यालय की तरफ से भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है, अब क्यूआर कोड के माध्यम से ठगी के शिकार लोगों को राहत मिल सकेगी।

क्यूआर कोड से मिलने वाले प्रमुख लाभ
  • स्कैन करने पर यह जानकारी मिलेगी कि साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं करें।
  • आमतौर पर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर भी बताए जाएंगे।
  • नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in का लिंक भी उपलब्ध रहेगा, जिस पर क्लिक करते ही पोर्टल में शिकायत का विकल्प खुल जाएगा।
  • ठगी के अतिरिक्त अन्य तरह के साइबर अपराध जैसे फेसबुक और इंटरनेट मीडिया के अन्य माध्यमों के उपयोग के लिए सावधानियों के बारे में बताया जाएगा।
  • डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में भी बताया जाएगा।

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