इमरान खान जिंदा हैं या नहीं, बेटे ने सबूत मांगा: !
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को जेल में बंद अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है। उन्होंने कहा कि किसी को भी नहीं पता है कि इमरान जिंदा हैं या नहीं।
कासिम ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज दिया गया।
कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है।
वहीं, इमरान खान का समर्थन करने रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने गुरुवार को सड़क पर गिराकर पीटा।

दावा- सेना के आदेश पर किया गया हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM सोहेल अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। अफरीदी गुरुवार को जिस समय जेल पहुंचे थे वहां भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। उनके पहुंचने से हालात और बिगड़ गए।
पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे भी मारे और जमीन पर गिरा दिया। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।
अफरीदी ने बड़े विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी
सुहैल अफरीदी का कहना है कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार इमरान खान की हालत की सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी।
उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। अफरीदी का कहना है कि इमरान खान तक पहुंच रोकना और उनकी सेहत की जानकारी छिपाना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है।
इमरान की बहन बोलीं- परिवार में डर फैल गया
इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने मीडिया को बताया कि पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया। परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया। नोरेन का आरोप है कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पहले कभी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ ऐसा बुरा बर्ताव नहीं हुआ। उनके मुताबिक लोगों को बिना वजह मारा-पीटा जा रहा है। किसी को इसका डर नहीं कि इसका क्या अंजाम होगा। पूरी दुनिया पाकिस्तान के हालात को देख रही है।
इमरान खान जेल में, बाहर मौत की अफवाह
इमरान खान की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह तेज हो गई है। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। पिछले 3 हफ्तों से इमरान की बहनें उनसे मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जेल प्रशासन इसकी अनुमति नहीं दे रहा है। इसके चलते से इमरान की खराब सेहत के कयास लगाए जा रहे हैं।
इमरान की बहनों ने सरकार से सच बताने की मांग की है। तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है।
इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भी इमरान की सेहत के बारे में हाल की अफवाहों के बारे में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही प्रशासन से पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बीच मुलाकात की व्यवस्था करने की मांग की है।
PTI बोली- इमरान को कुछ हुआ तो बर्दाश्त नहीं करेंगे
PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है।
अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। PTI ने अफवाह फैलाने वालों की जांच कराने की भी मांग की।
इमरान खान को लेकर अफवाह शुरू कैसे हुई
अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और पीटीआई नेताओं का कहना है कि उन्हें कई हफ्तों से खान से मुलाकात करने नहीं दी गई।
बीते मंगलवार को भई बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता इमरान खान को देखने पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया। इससे लोगों की चिंता और भी बढ़ गई।
इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’, ट्रेंड करने लगा। इसके बाद बुधवार को अदियाला जेल के बाहर भारी संख्या में पीटीआई समर्थक जुटे।

रक्षा मंत्री बोले- इमरान जेल में मखमली बिस्तर पर सोते हैं
इस बीच, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को इमरान की जेल सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमरान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है।
आसिफ ने कहा कि जब वो जेल में बंद थे तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे। उन्होंने बताया कि हम ठंडे फर्श पर सोते थे और जेल में बना खाना ही खाते थे। हमें गर्म पानी भी नहीं मिलता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं।
आसिफ ने कहा कि इमरान पर उनके समर्थकों को झूठ बोलने से पहले खुदा से डरना चाहिए।
हाईकोर्ट इमरान से मुलाकात की मंजूरी दे चुका
मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी, लेकिन जेल प्रशासन आदेश का पालन नहीं कर रहा।
अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया, फिर भी उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है।

इमरान खान 2 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं
इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वे अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।
इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।
पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे।
50 अरब का स्कैम है अल-कादिर ट्रस्ट केस
- पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस केस में 4 अहम किरदार हैं। इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी।
- पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त करा दी। उसका एक गुर्गा भी लंदन में गिरफ्तार करा दिया, जिससे 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।
- आरोप है कि इस केस के बाद दो डील हुईं। इसके तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया।
- आरोप है कि इमरान ने कैबिनेट को इस पैसे की जानकारी नहीं दी। बल्कि अल कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 3 मेंबर थे। इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी।
- इस केस की FIR में कहा गया है कि इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी। बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए।
- पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इमरान की गिरफ्तारी के बाद कहा- ये पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी। इसके बावजूद 13 महीने में एक बार भी इमरान या बुशरा पूछताछ के लिए नहीं आए। 3 साल में इस यूनिवर्सिटी में महज 32 स्टूडेंट्स ने ही एडमिशन लिया।
- जियो न्यूज के मुताबिक, पूरे मामले को देखते हुए इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया।

