मध्य प्रदेशशिक्षा

जिस VIT में आगजनी, उसके भवनों की फायर NOC नहीं…!

जिस VIT में आगजनी, उसके भवनों की फायर NOC नहीं…
खाना-पानी की शिकायत पर स्टूडेंट्स को परीक्षा में न बैठाने की धमकी देते; रिपोर्ट में 6 बड़े खुलासे

भोपाल से 70 किलोमीटर दूर स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) सीहोर… यहां 15,000 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से 12,000 छात्र 8 हॉस्टलों में रहते हैं, जहां भविष्य गढ़ने की बात होती है… वहीं कैंपस के भीतर चल रहा था अंधेर नगरी जैसा खेल। हाल में हुए हंगामे, आगजनी और 4 हजार छात्रों के एक साथ सड़क पर उतर आने के बाद जब फाइलों की धूल हटाई गई तो वीआईटी खौफनाक मॉडल उजागर हुआ।

जांच कमेटी ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मप्र निजी विवि विनियामक आयोग को सौंप दी। हमीदिया कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल शिवानी, एमवीएम कॉलेज के प्रो. संजय दीक्षित व जीएमसी के प्रो. लोकेंद्र दवे की कमेटी ने कहा है कि पूरा घटनाक्रम प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है। इसमें छह बड़े खुलासे किए गए हैं।

नगर परिषद का नोटिस।
नगर परिषद का नोटिस।

सबसे बड़ा खुलासा– कैंपस के 11 ब्लॉक बिना फायर NOC के चल रहे थे

कोठरी नगर परिषद की नोटिस रिपोर्ट बताती है कि VIT ने न बिल्डिंग परमिशन ली, न ही फायर सेफ्टी शुल्क भरा और न जमीन का डायवर्जन कराया। यानी इमारतें खड़ी की… हजारों छात्रों को उनमें ठूंस दिया… और सुरक्षा के इंतजाम जीरो।

नगर परिषद की रिपोर्ट: 42.40 लाख रुपए फायर शुल्क बकाया वीआईटी पर फायर शुल्क के 42.40 लाख रुपए बकाया हैं। कोठरी नगर परिषद ने तीन बार 29 मई, 20 जून और 22 जुलाई 2024 को नोटिस भेजे। हर बार एक ही जवाब मिला, दस्तावेज नहीं हैं। 1 अक्टूबर 2024 की अंतिम चेतावनी में साफ कहा गया कि तीन दिन में परमिशन बताएं वरना अवैध निर्माण हटेगा। इसके बावजूद जवाब नहीं दिया।

राजस्व विभाग की रिपोर्ट: कृषि भूमि पर कॉलेज, डायवर्जन नहीं कराया आष्टा एसडीएम की जांच रिपोर्ट में पता चला कि VIT ने सर्वे नंबर 968/1/3, 974/1 सहित कई कृषि भूमि पर बिना डायवर्जन क्लासरूम, ब्लॉक और गतिविधियां शुरू कर दीं। कुल बकाया भू-राजस्व ₹19.39 लाख में से केवल ₹7.37 लाख जमा। यानी ₹12.01 लाख अब भी बकाया।

बुधवार सुबह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से बिल्डिंग से धुआं उठता नजर आया था।
बुधवार सुबह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से बिल्डिंग से धुआं उठता नजर आया था।

जांच कमेटी की रिपोर्ट: प्रबंधन का रवैया “स्वेच्छाचारी, मनमाना और डराने वाला”

हंगामे के बाद बनी तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने साफ लिखा… “पूरा घटनाक्रम प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है।” कमेटी ने 6 सबसे गंभीर खामियां उजागर की हैं…

1. खाना खराब, पानी बदबूदार 5 मेस, लेकिन गुणवत्ता शून्य। पानी पीते ही छात्रों को उल्टी की शिकायत हुई।

2. पीलिया फैला, पर रिकॉर्ड तक नहीं 14–24 नवंबर के बीच 35 छात्र बीमार हुए, लेकिन कॉलेज के पास इसका कोई डेटा ही नहीं है।

3. CMHO को दो घंटे गेट पर रोका जब सीहोर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी निरीक्षण के लिए कैंपस पहुंचे तो उन्हें गेट पर 2 घंटे रोका गया।

4. शिकायत पर I-card जब्त और धमकी खराब पानी और भोजन की शिकायत करने पर बच्चों के आईकार्ड जब्त किया जाता था। परीक्षा में न बैठाने की धमकी दी जाती थी।

5. छात्रों से मारपीट के वीडियो सामने आए कई छात्रों से मारपीट के वीडियो सामने आए। यानी यहां पढ़ाई नहीं, दमन का ‘डिसिप्लिन’ चल रहा था।

6. रात 2 बजे पुलिस बुलाई, जब आग फैल चुकी थी वीआईटी प्रबंधन हालात संभालने में नाकाम रहा। पुलिस देर से बुलाई। तब तक कई जगह तोड़फोड़, आगजनी हो चुकी थी।

छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में कई जगह आग लगा दी थी।
छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में कई जगह आग लगा दी थी।

VIT रजिस्ट्रार की दलील VIT के रजिस्ट्रार केके नायर का कहना है कि फायर NOC के लिए अधिकृत एजेंसी के द्वारा इंस्पेक्शन हो चुका है। फाइल सतपुड़ा भवन भोपाल में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी इंस्पेक्टर के पास मंजूरी के लिए पेंडिंग है। जैसे ही NOC मिलेगी, हम नगर परिषद कोठरी को भी उपलब्ध करा देंगे। ये कहना गलत है कि फायर NOC नहीं है। ये मामला विभाग के लेवल पर प्रक्रियाधीन है।

यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब 4 हजार स्टूडेंट्स जमा हो गए थे।
यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब 4 हजार स्टूडेंट्स जमा हो गए थे।

विधानसभा में भी उठ चुका मामला, अवैध सीटें, अवैध कोर्स, अवैध निर्माण आष्टा के बीजेपी विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर पहले ही सदन में आरोप लगा चुके हैं कि वीआईटी में बिना मान्यता कोर्स चल रहे हैं। यहां की 6560 सीटें अवैध हैं। फैकल्टी की कमी है। फायर, पर्यावरण, TCP, वन विभाग… किसी की NOC नहीं ली गई। अवैध निर्माण, ऊंचाई नियमों का उल्लंघन, हॉस्टल में सुविधाओं की कमी है और प्रबंधन डेटा छिपाता है।

अब बड़ा सवाल– 15 हजार छात्रों की सुरक्षा किस भरोसे पर?

VIT जैसे प्रतिष्ठित नाम पर अगर ऐसी रिपोर्टें आ रही हैं तो यह सिर्फ प्रशासनिक नहीं, छात्र सुरक्षा का बड़ा संकट है।फायर NOC से लेकर खाना, पानी, जमीन, निर्माण हर जगह एक ही पैटर्न दिखता है… मनमानी और लापरवाही।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सरकार, पुलिस और यूजीसी को नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भोपाल स्थित VIT विश्वविद्यालय में कथित गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार, भोपाल पुलिस और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी संबंधित पक्षों से दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है।

सभी अधिकारियों को आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी कहा है कि रिपोर्ट की एक प्रति आयोग के ईमेल bench-mpk@gov.in पर भी भेजी जाए।

शिकायत में लगाए गंभीर आरोप

भोपाल निवासी एक शिकायतकर्ता ने NHRC को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय परिसर में अनेक छात्रों के अस्वच्छ भोजन, दूषित पानी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण पीलिया फैलने की आशंका है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि

  • प्रशासन ने समय रहते पर्याप्त चिकित्सा कदम नहीं उठाए।
  • स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाई गई।
  • पारदर्शिता की कमी रही।
  • छात्रों की परेशानियों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
  • विरोध करने वाले छात्रों पर दबाव की स्थिति बनी।

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