मध्य प्रदेश

चंबल में गुंडाराज..?

चंबल में गुंडाराज…भीड़ ने घेरा तो जान बचाकर भागे पुलिसकर्मी

ग्वालियर की महाराजपुरा पुलिस मुरैना के जनकपुर गांव में बुरी तरह फंस गई। हत्या के प्रयास के फरार आरोपियों को पकड़ने टीम बिना ‘लोकल थाने’ को बताए गांव पहुंची। जैसे ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा, गांव के लोग भड़क गए। ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और हमला कर दिया। फायरिंग और गोली सिपाही अनिल तोमर की जांघ में लगी। अनिल का ग्वालियर में निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हद्दू गुर्जर और अंकुर गुर्जर जनकपुर गांव में हैं। महाराजपुरा पुलिस के सब इंस्पेक्टर रणवीर सिंह के नेतृत्व में अनिल गुर्जर, रुस्तम गुर्जर, अनिल तोमर, शिवराज और अमित बैरागी गांव पहुंचे। दोपहर साढ़े 3 बजे पुलिस टीम गांव में घुसी।

और आरोपी हद्दू को पकड़कर गाड़ी में बैठाया। तभी परिजन और गांव वालों ने पुलिस को घेर लिया। पुलिस ने हटने को कहा तो ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। इसी बीच फायरिंग हो गई। पुलिस ने जवाब में हवाई फायर किए। एक बदमाश ने कट्टे से गोली चलाई जो सिपाही अनिल तोमर की बाईं जांघ में जा घुसी। पुलिस ने एक मकान में छिपकर जान बचाई।

आखिर पुलिस को हद्दू को छोड़ना पड़ा। पुलिस कर्मी के पांव से खून बहते देख ग्रामीण तितर-बितर हो गए और आरोपी भाग चुके थे। बुजुर्गों ने भीड़ को समझाया और जख्मी जवान सहित पुलिस वालों को गांव से तत्काल चले जाने को कहा। किसी तरह पुलिस जवानों ने बचकर जान बचाई।

गांव में रेत का अवैध धंधा, गोलियां चलना आम, स्थानीय अफसरों को नहीं थी दबिश की जानकारी

जनकपुर में अवैध रेत का कारोबार अधिक होता है। गांव में गोलियां चलना आम बात है। 29 नवंबर को ही दो गुटों में दूध के पैसों के हिसाब के लिए गोलियां चलीं थीं। सूत्रों के मुताबिक, महाराजपुरा पुलिस ने दबिश देने की बात वरिष्ठ अधिकारियों तक को नहीं बताई थी।

मुरैना एसपी समीर सौरभ और टीआई सिविल लाइन उदयभान सिंह के अनुसार उन्हें भी दबिश की सूचना नहीं थी। जिला अस्पताल में जख्मी सिपाही को लाने की जानकारी मुरैना पुलिस को नहीं थी। अस्पताल ने भी जानकारी छिपाई।

2013 में आर्मी रिटायर्ड हैं अनिल

घायल अनिल तोमर (55) मूलतः पोरसा मुरैना के रहने वाले हैं। वे पहले इंडियन आर्मी में थे और देश की सीमाओं पर अपनी बहादुरी दिखा चुके हैं। 2013 में आर्मी से रिटायर होकर पुलिस सेवा चुनी। 2015 से सिपाही बनकर ड्यूटी निभा रहे हैं।

मुरैना पुलिस गांव पहुंची, सन्नाटा

घटना के बाद ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने एसपी मुरैना समीर सौरभ को फोन पर जानकारी दी। मुरैना पुलिस बल के साथ अधिकारियों को गांव के लिए रवाना किया, लेकिन गांव में सन्नाटा था। कुछ घरों में महिलाएं-बुजुर्ग ही मौजूद मिले।

हत्या के प्रयास के आरोपी

सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर परिचित से जलते थे, 2 नवंबर को उसे किया था अधमरा, वह बोल भी नहीं पाता

रिठौरा कलां (मुरैना) निवासी श्यामू गुर्जर सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो डालने का शौकीन है। इससे उसके परिचित हद्दू गुर्जर, भूरा गुर्जर, अरविंद गुर्जर और अजीत गुर्जर जलते थे। सभी ने मिलकर उसे मारने की साजिश रची। 2 नवंबर को श्यामू अपने दोस्त आनंद, मनीष और सतेंद्र के साथ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित होटल में खाना खा रहा था।

जैसे ही बाथरूम गया तभी हद्दू सहित 6 आरोपियों ने उसे पकड़ा और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अरविंद ने पत्थर उठाकर सिर पर मार दिया। श्यामू की हालात गंभीर है, बोल भी नहीं पा रहा। उसके मामा रनवीर सिंह गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने छह आरोपियों पर केस दर्ज किया था। पुलिस ने भूरा गुर्जर और अरविंद गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया था। हद्दू गुर्जर, विजय गुर्जर, अंकुश गुर्जर और अजीत गुर्जर की पुलिस को तलाश है।

11 नामजद सहित 14 पर केस दर्ज

हत्या के प्रयास के फरार आरोपियों को पकड़ने महाराजपुरा थाने की छह सदस्यीय पुलिस टीम जनकपुर भेजी थी। पुलिस ने 11 नामजद और 3-4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। -धर्मवीर सिंह यादव, एसएसपी

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