भिंड : भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारियों का ऑडियो मामला गरमाया…दबाव बनाकर कराते थे FIR, रासुका लगाने की मांग !!

भिंड में भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारी सौरभ जाटव और देशराज धारिया से जुड़े कथित ऑडियो मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार दोपहर परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर दंगा भड़काने की तैयारी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के इन पदाधिकारियों ने थानों और एसपी कार्यालय का घेराव कर पुलिस पर दबाव बनाया। एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग किया गया और दर्ज FIR के बाद मिलने वाली सहायता राशि का आपस में बंदरबांट होता था।
इनकी वजह से समाज में समरसता बिगड़ी और जिले में तनाव की स्थिति बनी। शर्मा ने मांग की कि दोनों पर रासुका की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में FIR के बाद दी जाने वाली सहायता राशि को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि शासन की ढाई लाख रुपए की सहायता में से 50% FIR के तुरंत बाद मिलती है। इसी लाभ के लिए फर्जी प्रकरण दर्ज कराए जाते हैं, जिससे सवर्ण और ओबीसी समाज के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
शर्मा ने कहा कि ऑडियो सामने आने के बाद भीम आर्मी के ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की पोल खुल गई है। पहले सौरभ जाटव ने वीडियो जारी करके इसे AI जनरेटेड बताया, फिर दूसरे वीडियो में रोते हुए पूरे मामले को स्वीकार किया।
उन्होंने देशराज धारिया को लेकर कहा कि उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे सहायता राशि को इकट्ठा कर अंबेडकर प्रतिमाओं पर CCTV लगाने की बात कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने इन कृत्यों को समाज विरोधी बताया और कहा कि दोनों पर कठोर कार्रवाई हो तथा उनकी दबाव में कराई गई FIR की पुनः जांच कराई जाए।

इधर, हाईकोर्ट के एडवोकेट मोहित ऋषिश्वर ने भी दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज सौरभ जाटव वीडियो में रो रहा है, लेकिन उसे उन लोगों पर दया क्यों नहीं आई जिन पर झूठे एससी-एसटी के प्रकरण दर्ज कराए गए।
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पेशाब कांड सहित कई मामलों में झूठी FIR कराने का ट्रेंड शुरू कर दिया है। सुरपुरा का मामला भी इसी का उदाहरण है। ऋषिश्वर ने कहा कि कई छात्र, माताएं और बहनें झूठे मामलों में फंसकर जेल गए, इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने दोनों को समाज कंटक बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
आरोप- जिले में दंगा कराना चाहते ये दोनों
इस दौरान बताया गया है कि इनके द्वारा देहात थाने और भारौली रोड पर स्थित हनुमान मंदिर को लेकर भी बयानबाजी की है। इस जगह पर बौद्ध विहार बनाने की घोषणा करते हुए वीडियो जारी किया है। ये जिले में दंगा कराकर ऑडियो का मामला दबाना चाहते हैं।
ऐसे में प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। इन पर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठन मजबूरी में आगे आने के लिए विवश होंगे।

