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कमीशन मांगने वाले 3 MLA का विधायक फंड रोका !!!

कमीशन मांगने वाले 3 MLA का विधायक फंड रोका
विधानसभा की सदाचार समिति करेगी जांच, कांग्रेस-भाजपा ने भी दिया नोटिस

विधायक कोष से अनुशंसा करने के नाम पर कमीशन मांगने वाले विधायकों के एमएलए लैड खाते सरकार ने सीज कर दिए हैं।आरोपी विधायक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में डील करते हुए कैमरे में कैद हुए थे।

मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग) की अध्यक्षता में मुख्य सचिव, डीजीपी की उच्च समिति बनाई है।

वहीं, विधानसभा की सदाचार समिति भी इस मामले की जांच करेगी। इधर कांग्रेस और भाजपा ने आरोपी विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा- मुख्यमंत्री

सीएम ने इस मामले में कहा कि- किसी भी लोकसेवक द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार पर हमारी सरकार की नीति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की है। कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। यदि भ्रष्टाचार में दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य सचेतक की मांग पर एक्शन

विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विधानसभा अध्यक्ष से मामले की जांच सदाचार समिति से करवाने की मांग की थी। उन्होंने रविवार दोपहर को इस संबंध में वासुदेव देवनानी को लेटर लिखा था।

विधानसभा अध्यक्ष ने मांग पर कहा कि- राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति को मैंने जांच सौंप दी है। उनसे शीघ्र ही रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने डांगा से मांगा जवाब

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि- आपके ऊपर विधायक कोष की राशि को लेकर रिश्वत का आरोप है। जो कि पार्टी के अनुशासन भंग की परिभाषा में आता है। आप तीन दिन के भीतर आरोपों पर सफाई दें।

कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से इस मामले में संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की।

डोटासरा ने कहा- जनता जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुनती है, सार्वजनिक जीवन में सौदेबाजी और लूट के लिए नहीं। विधायक जनप्रतिनिधियों द्वारा कमीशनखोरी की खबर अत्यंत चिंताजनक है। अगर इन आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए- अशोक गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा- ….. में विधायकों द्वारा ‘विधायक निधि’ जारी करने के बदले रिश्वत/कमीशन लेने संबंधी प्रकाशित खबर अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।

उन्होंने कहा मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों के लिए सार्वजनिक जीवन में शुचिता और ईमानदारी सर्वोपरि होनी चाहिए।

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