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ट्रेन में प्लेन वाला रूल… 1st AC में 70 KG तक फ्री, फिर देना होगा चार्ज, स्लिपर-जनरल का भी जान लें हाल !!!

ट्रेन में प्लेन वाला रूल… 1st AC में 70 KG तक फ्री, फिर देना होगा चार्ज, स्लिपर-जनरल का भी जान लें हाल

अगर आप ट्रेन से सफर करते समय ज्यादा सामान साथ ले जाते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए. रेलवे यात्रियों के लिए बैगेज को लेकर नए सख्त नियमों पर जोर दे रहा है. अगर आपके पास तय सीमा से ज्यादा वजन का सामान हुआ, तो जेब पर सीधा असर पड़ेगा.

ट्रेन में प्लेन वाला रूल... 1st AC में 70 KG तक फ्री, फिर देना होगा चार्ज, स्लिपर-जनरल का भी जान लें हाल

रेल यात्रा में सामान ले जाने की लिमिट.

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं और अक्सर जरूरत से ज्यादा सामान साथ ले जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब रेलवे ने साफ कर दिया है कि ट्रेन यात्रा के दौरान तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा. यानी अब रेल यात्रा में भी बैगेज नियमों को लेकर सख्ती बढ़ने वाली है, ठीक उसी तरह जैसे हवाई यात्रा में होती है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह अहम जानकारी साझा की. लोकसभा में किए गए ट्रेन यात्रा के लिए सामान की लिमिट से जुड़े एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों के लिए पहले से ही क्लास के अनुसार फ्री बैगेज अलाउंस तय है और उससे ज्यादा सामान ले जाने पर चार्ज देना पड़ता है.

तय है सामान ले जाने की लिमिट

एयरलाइंस की बात करें तो फ्री सामान ले जाने की सीमा हर एयरलाइन और फ्लाइट के रूट के हिसाब से अलग-अलग होती है. आमतौर पर घरेलू उड़ानों में 15 किलो तक चेक-इन बैगेज और 7 किलो हैंडबैग फ्री मिलता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 23 से 25 किलो या दो बैग (हर बैग 23 किलो) तक की छूट होती है. वहीं रेलवे के नियमों के मुताबिक, हर यात्री को अपनी ट्रैवल क्लास के आधार पर एक निश्चित वजन तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है. इसके अलावा, एक अधिकतम सीमा भी तय है, जिसके भीतर सामान ले जाने पर शुल्क देकर अनुमति मिल सकती है. लेकिन इससे भी ज्यादा सामान ले जाना नियमों के खिलाफ माना जाता है.

सेकंड क्लास और स्लीपर के यात्रियों के लिए नियम

ट्रेन में सेकंड क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को 35 किलो तक का सामान मुफ्त ले जाने की छूट है. अगर कोई यात्री इससे ज्यादा सामान लेकर चलता है, तो वह अधिकतम 70 किलो तक सामान ले जा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे तय शुल्क देना होगा. वहीं स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए फ्री अलाउंस थोड़ा ज्यादा है. वे 40 किलो तक का सामान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ले जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर 80 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए भी अतिरिक्त चार्ज देना होगा.

AC और चेयर कार में सख्ती ज्यादा

अगर आप AC 3 टियर या चेयर कार से यात्रा करते हैं, तो यहां नियम और भी सख्त हैं. इन क्लास में यात्रियों को 40 किलो तक का ही सामान ले जाने की अनुमति है और यही उनकी अधिकतम सीमा भी है. यानी AC कोच में इससे ज्यादा वजन का सामान ले जाना नियमों के तहत स्वीकार नहीं किया जाएगा.

क्यों जरूरी हुआ यह नियम?

रेलवे का कहना है कि जरूरत से ज्यादा सामान न सिर्फ यात्रियों की सुविधा में बाधा बनता है, बल्कि सुरक्षा और सफाई के लिहाज से भी समस्या पैदा करता है. भारी सामान से कोच में आवाजाही मुश्किल होती है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए अब रेलवे बैगेज नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दे रहा है.

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप ट्रेन से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जरूर जांच लें कि आपके सामान का वजन तय सीमा में है या नहीं. ज्यादा सामान होने पर या तो पहले से बुकिंग कराएं या अतिरिक्त चार्ज देने के लिए तैयार रहें. थोड़ी सी सावधानी आपको यात्रा के दौरान परेशानी से बचा सकती है.

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