मध्य प्रदेशहेल्थ

MP News: पहले बच्चों को HIV वाला ब्लड चढ़ाया, अब वहीं चल रहा था ‘खून का धंधा !!!

MP News: पहले बच्चों को HIV वाला ब्लड चढ़ाया, अब वहीं चल रहा था ‘खून का धंधा’, SDM ने स्टिंग कर दबोचे तीन दलाल

सतना जिला अस्पताल में ब्लड की दलाली का पर्दाफाश हुआ है। मरीजों के परिजनों से 4500 रुपये प्रति यूनिट वसूले जा रहे थे। एसडीएम की ट्रैप कार्रवाई में तीन आरोपी रंगे हाथ पकड़े गए। जांच में ब्लड बैंक और अस्पताल स्टाफ की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
सतना में खून की दलाली करने वाले आरोपियों को एसडीएम ने स्टिंग कर पकड़ा ….

सरकारी अस्पताल जहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए, वहीं अगर मजबूरी की सबसे महंगी कीमत वसूली जाए तो यह सिस्टम पर सीधा सवाल है। सतना जिला चिकित्सालय में ठीक यही हो रहा था। ब्लड की जरूरत पड़ते ही अस्पताल के बाहर मंडराते दलाल सक्रिय हो जाते थे और एक यूनिट ब्लड के नाम पर साढ़े चार हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे। प्रशासन ने इस अवैध धंधे का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

ब्लड की तलाश में भटकते परिजन, मौके पर सक्रिय दलाल
सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के परिजन ब्लड की व्यवस्था के लिए परेशान रहते थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ लोग खुद को “सहायता करने वाला” बताकर संपर्क साधते और तय रकम लेकर ब्लड दिलाने का दावा करते थे। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया।

SDM ने अपनाया ट्रैप मॉडल
सतना एसडीएम राहुल सिलाडिया ने पूरी कार्रवाई को कानूनी और मजबूत बना दिया, जिसमें जीपीएस लोकेशन के साथ वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद वही रकम एक व्यक्ति को देकर दलाल तक पहुंचाया गया ताकि सबूत पुख्ता रहें और एक बड़ी कार्रवाई की गई। इसमें खून की दलाली करने वालों को दबोचा गया।

चाय ठेला बना सौदे की जगह
योजना के तहत जिला अस्पताल के बाहर स्थित एक चाय ठेले पर ब्लड की डील तय हुई। बातचीत के दौरान दलालों ने साफ कहा कि 4500 रुपये में एक यूनिट ब्लड मिलेगा, जैसे ही पैसे सौंपे गए मौके पर मौजूद एसडीएम और सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रत्नेश साहू को दबोच लिया।तीन कड़ियां, एक नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह अकेले व्यक्ति का काम नहीं था बल्कि मौके से मोहम्मद कैफ को भी पकड़ा गया, जबकि तीसरा आरोपी अनिल गुप्ता जिला अस्पताल की कैंटीन में काम करता है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है और बड़े नेटवर्क को पकड़ने का प्रयास है।

ब्लड बैंक तक पहुंचने की तैयारी
एसडीएम राहुल सिलाडिया की मानें तो अब यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी अगर जांच में ब्लड बैंक या अस्पताल से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उस पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी ब्लड सिस्टम से ब्लड बाहर कैसे पहुंच रहा था।

पहले एचआईवी मामला, अब दलाली सिस्टम पर सवाल
कुछ दिन पहले 6 बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने का मामला सामने आ चुका है। अब ब्लड दलाली के खुलासे ने स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत की उम्मीद जरूर जगा रही है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *