सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने दायर की SLP
सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। एजेंसी का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश का अध्ययन करने के बाद यह तय किया गया कि इसे जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि हाईकोर्ट ने सजा निलंबित कर जमानत दी है, जो पीड़िता की सुरक्षा और न्याय के हित में उचित नहीं है। हालांकि, सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहे हैं।
इससे पहले शुक्रवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां समेत महिला कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के कुछ दिनों बाद किया गया। पीड़िता की मां ने शुक्रवार को कहा था कि वह दोषी कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी।
जमानत के खिलाफ सड़क पर उतरी पीड़िता की मां
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एआईडीडब्ल्यूए) की कार्यकर्ताओं ने सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना और पीड़िता की मां के साथ मिलकर इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पीड़िता की मां ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ हुए अन्याय के विरोध में यहां आई हैं।उन्होंने कहा, मैं पूरे हाईकोर्ट को दोष नहीं देती, लेकिन दो न्यायाधीशों के फैसले से हमारा भरोसा टूट गया है और मुझे गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पहले न्यायाधीशों ने उनके परिवार को न्याय दिलाया था, लेकिन अब आरोपी को जमानत दे दी गई है।पीड़िता की मां ने कहा, यह हमारे परिवार के साथ अन्याय है। हम उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे, मुझे उस पर पूरा विश्वास है।
23 दिसंबर को हाईकोर्ट ने दी थी जमानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया था। कोर्ट ने सेंगर को सख्त शर्तों के साथ जमानत दी, जिसमें पीड़िता के निवास से 5 किलोमीटर की दूरी बनाए रखना, पीड़िता या उसके परिवार को धमकी न देना और 15 लाख रुपये का मुचलका जमा करना शामिल है। सेंगर ने करीब साढ़े सात साल जेल में बिताए हैं। हालांकि, पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के अलग मामले में 10 साल की सजा के कारण सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आ सके हैं।