CIBIL स्कोर खराब, नहीं मिल रहा क्रेडिट कार्ड !!!!
अगर किसी का CIBIL स्कोर खराब है या अब तक कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं बनी है, तो उसके लिए क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल है। ऐसे लोगों के लिए बैंक अलग से एक सुविधा देती है, जिसे FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड कहते हैं।
इसमें बैंक पहले फिक्स डिपॉजिट (FD) करवाते हैं और उसी FD के आधार पर एक तय लिमिट के साथ क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं। इससे बैंक का रिस्क कम हो जाता है और कार्ड आसानी से अप्रूव हो जाता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस कार्ड के नियमित इस्तेमाल और समय पर पेमेंट से धीरे-धीरे क्रेडिट हिस्ट्री बनती है और सिबिल स्कोर भी सुधर जाता है।
इसलिए आज आपका पैसा कॉलम में FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड कौन बनवा सकता है?
- इसे बनवाने का तरीका क्या है?
- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड बनवाने के क्या फायदे हैं?
सवाल- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड क्या होता है?
जवाब- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड–
- बैंक के द्वारा दिया जाने वाला एक क्रेडिट कार्ड है। यह अन्य क्रेडिट कार्ड की तरह ही काम करता है। इसमें वही सुविधाएं मिलती हैं, जो अन्य किसी भी क्रेडिट कार्ड में होती हैं।
- हालांकि इस क्रेडिट कार्ड को हासिल करने के लिए पहले एकमुश्त रकम बैंक में FD करनी पड़ती है।
- बैंक पहले आपसे से FD करवाता है। इसमें आपकी FD को गिरवी की तरह रखा जाता है और उसी के अनुपात में आपको क्रेडिट लिमिट दी जाती है।
- आमतौर पर यह कार्ड की लिमिट FD की राशि के 75-90% तक होती है। मान लीजिए अगर आपने 20,000 रुपए की FD कराई है तो आपको 15,000-18,000 रुपए तक की क्रेडिट लिमिट मिल सकती है। इसका मतलब है कि आप उस कार्ड से एक महीने में 18,000 रुपए तक की खरीदारी कर सकते हैं।
- क्रेडिट स्कोर न होने या खराब होने की स्थिति में बैंक यह मानता है कि उसे आपके लोन चुकाने की क्षमता पर भरोसा नहीं है। इसलिए FD की जाती है ताकि अगर आप समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल न भरें तो बैंक FD के पैसों से उस बिल की वसूली कर सके।
- यह कार्ड खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनका CIBIL स्कोर कमजोर है या जिनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है।
- इस कार्ड का सही इस्तेमाल करने पर धीरे-धीरे क्रेडिट स्कोर बनता और सुधरता है।
सवाल- नॉर्मल क्रेडिट कार्ड है तो FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड की क्या जरूरत है?
जवाब- बैंक FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड तब देते हैं, जब व्यक्ति नॉर्मल क्रेडिट कार्ड के लिए एलिजिबल नहीं होता है।
- जिन लोगों का CIBIL स्कोर कमजोर है, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या जिनकी इनकम अनियमित है, उन्हें नॉर्मल कार्ड देने में बैंक को जोखिम दिखता है।
- वहीं FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड में बैंक के पास FD के रूप में सिक्योरिटी रहती है, जिससे डिफॉल्ट का खतरा कम हो जाता है।
- इससे बैंक नए और हाई-रिस्क ग्राहकों को भी क्रेडिट सिस्टम से जोड़ पाते हैं।
- उधर ग्राहक को क्रेडिट कार्ड का फायदा मिलता है और बैंक को भविष्य के लिए भरोसेमंद ग्राहक तैयार करने का मौका मिलता है।
सवाल- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड कौन बनवा सकता है, यह किसके लिए उपयोगी है?
जवाब- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिन्हें रेगुलर क्रेडिट कार्ड मिलना मुश्किल होता है। इसके अलावा जो लोग पहली बार क्रेडिट कार्ड बनवा रहे हैं। इसमें बैंक फिक्स डिपॉजिट (FD) के साथ कार्ड जारी करता है। इसलिए इसका अप्रूवल आसान होता है और बैंक के लिए रिस्क कम रहता है।

सवाल- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड कैसे बनता है, इसका प्रोसेस क्या है?
जवाब- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड बनवाना एक बेहद आसान और सुविधाजनक प्रक्रिया है। सबसे पहले आपको बैंक ब्रांच में जाकर आवेदन देना है। आप बैंक की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं। वहां आपको FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड का विकल्प चुनना होता है। इसके बाद अपनी क्रेडिट लिमिट की जरूरत के मुताबिक, बैंक में एक FD खोलनी होती है। इस FD के आधार पर बैंक क्रेडिट कार्ड जारी करता है।
आमतौर पर न्यूनतम 10,000 रुपए से 20,000 रुपए तक की FD पर ये कार्ड उपलब्ध हो जाते हैं। इसका पूरा प्रोसेस ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर FD बेस्ड क्रेडिट बनवाते हैं तो इसके क्या फायदे हैं?
जवाब- FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या स्कोर कम है।
- इसमें बैंक FD के बदले कार्ड देता है। इसलिए अप्रूवल आसान होता है।
- इसका सबसे बड़ा फायदा है कि समय पर बिल चुकाने से क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे सुधरता है।
- कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड, कैशबैक और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी मिलती है।
- FD पर ब्याज भी मिलता रहता है, यानी पैसा किसी भी तरह बेकार नहीं जाता है।
- यह फाइनेंशियल डिसिप्लिन सीखने का सुरक्षित तरीका है।
सवाल- अगर FD बेस्ड क्रेडिट बनवा लिया और पैसे नहीं चुका पाए तो क्या नुकसान होगा? क्या तब भी क्रेडिट स्कोर खराब होगा?
जवाब- अगर FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं चुकाया गया, तो नुकसान जरूर होगा।
- सबसे पहले लेट फीस और ब्याज लगाया जाएगा।
- लगातार भुगतान न करने पर बैंक आपकी FD से बकाया रकम काट सकता है।
- FD की रकम कट जाने के बावजूद सबसे बड़ा असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है।
- क्रेडिट हिस्ट्री में इसकी रिपोर्ट भी एक रेगुलर क्रेडिट कार्ड की तरह ही बनती है।
- बार-बार डिफॉल्ट करने से स्कोर गिर सकता है, जिससे भविष्य में लोन या रेगुलर क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है।
सवाल- जब क्रेडिट स्कोर खराब था, तब FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड बनवाया था। अब क्रेडिट स्कोर अच्छा हो गया है तो क्या अब भी FD में पैसे फंसाकर रखने की जरूरत है?
जवाब- अगर आपका क्रेडिट स्कोर अब अच्छा हो गया है, तो FD बेस्ड कार्ड को जारी रखना जरूरी नहीं है।
- आप बैंक से बिना FD वाला रेगुलर क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं, जिसमें ज्यादा लिमिट और बेहतर फायदे मिलते हैं।
- ऐसी स्थिति में FD तोड़कर या FD बेस्ड कार्ड बंद करवाकर सामान्य कार्ड में शिफ्ट करना समझदारी हो सकती है।
- हालांकि, अगर FD पर अच्छा ब्याज मिल रहा है और कार्ड इस्तेमाल में सुविधा है, तो चाहें तो इसे कुछ समय तक और रख सकते हैं।

