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प्रोटीन सप्लीमेंट लेना क्यों खतरनाक !!!!!

 
प्रोटीन शेक पीने से लड़के की मौत
जानें प्रोटीन क्या है, शरीर के लिए कितना जरूरी, प्रोटीन सप्लीमेंट लेना क्यों खतरनाक

हाल ही में उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक 19 साल के लड़के की प्रोटीन शेक पीने से मौत हो गई। शेक पीने के बाद लड़के के लंग्स ने काम करना बंद कर दिया। शरीर में ऑक्सीजन की कमी हुई और मौत हो गई।

उसने कुछ दिन पहले जिम जॉइन किया था। वहीं से प्रोटीन शेक लिया था। इससे आज के फिटनेस ट्रेंड पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। तेजी से मसल्स बनाने और फिट दिखने की चाह में लोग भूल जाते हैं कि हर शरीर की जरूरत अलग होती है। डॉक्टर की सलाह के बिना प्रोटीन सप्लीमेंट लेना खतरनाक हो सकता है।

वहीं दूसरी ओर, भारत में बिक रहे 36 सबसे पॉपुलर प्रोटीन सप्लीमेंट्स में से 70% लेबल में मिस लीड कर रहे हैं। इनमें से 14% सप्लीमेंट्स में टॉक्सिन्स मिले हैं।

प्रोटीन क्या है, यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है और प्रोटीन लेने का हेल्दी तरीका क्या है….

  • किन चीजों में नेचुरल प्रोटीन होता है?
  • प्रोटीन के साथ फाइबर लेना क्यों जरूरी है?

सवाल– प्रोटीन क्या है और ये शरीर के लिए इतना क्रिटिकल क्यों है?

जवाब– हमारा शरीर 3 मुख्य चीजों से मिलकर बना है। इसमें 60% पानी, 16% प्रोटीन और 16% फैट है।

  • प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है, जो कोशिकाओं की संचरना और कामकाज, दोनों के लिए अहम है। यह सिर्फ मसल्स ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को चलाने में अहम भूमिका निभाता है।
  • प्रोटीन अमीनो एसिड से बनता है, जो शरीर के बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं।
  • प्रोटीन मसल्स, त्वचा, बाल और नाखून की संरचना में मदद करता है।
  • प्रोटीन एंजाइम और हॉर्मोन बनाने के लिए जरूरी होता है।
  • प्रोटीन इम्यूनिटी को मजबूत करता है और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
  • शरीर की मरम्मत और ग्रोथ के लिए प्रोटीन जरूरी है।
  • प्रोटीन मेटाबॉलिज्म और एनर्जी बैलेंस को सपोर्ट करता है।
  • चोट या बीमारी के बाद रिकवरी में प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है।

इसी वजह से प्रोटीन को शरीर के लिए क्रिटिकल माना जाता है।

सवाल– अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन न मिले तो उससे क्या नुकसान होता है?

जवाब- प्रोटीन सिर्फ मसल्स ही नहीं बल्कि कोशिकाओं, एंजाइम और इम्यूनिटी के लिए जरूरी होता है। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो वह अपनी ही मांसपेशियों को तोड़कर जरूरत पूरी करने लगता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, रिकवरी कमजोर होती है और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक प्रोटीन की कमी रहने पर शारीरिक कमजोरी के साथ-साथ हॉर्मोनल डिस्बैलेंस होता है और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है।

 

प्रोटीन की कमी से शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। इसलिए संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी है।

सवाल- एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? क्या उम्र के मुताबिक ये जरूरत बदलती है?

जवाब- एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना कितनी मात्रा में प्रोटीन चाहिए, यह उसके वजन, उम्र और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।

  • सामान्य वयस्क के लिए अपने बॉडी वेट का 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो पर्याप्त माना जाता है।
  • यानी 60 किलो के व्यक्ति को लगभग 48 ग्राम प्रोटीन रोज चाहिए।
  • शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज करने वालों को 1-1.2 ग्राम प्रति किलो प्रोटीन की जरूरत होती है।
  • बुजुर्गों में मसल्स कमजोर होने से जरूरत 1-1.2 ग्राम प्रति किलो तक बढ़ सकती है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी ज्यादा प्रोटीन चाहिए।
  • बच्चों और किशोरों में ग्रोथ के कारण जरूरत बढ़ जाती है।
  • गंभीर बीमारी, चोट या सर्जरी के बाद भी शरीर की प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है।
  • इसलिए उम्र, वजन और स्थिति के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा बदलती रहती है।

सवाल– प्रोटीन शरीर की मेटाबॉलिक हेल्थ को कैसे सपोर्ट करता है?

जवाब- प्रोटीन मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि शरीर की ज्यादातर केमिकल प्रक्रियाएं उसी पर निर्भर करती हैं।

  • प्रोटीन से बनने वाले एंजाइम मेटाबॉलिज्म को चलाते हैं।
  • प्रोटीन मसल्स मास बनाए रखता है, जो ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।
  • प्रोटीन ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
  • प्रोटीन लेने से इंसुलिन की जरूरत नहीं होती, जिससे उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है।
  • प्रोटीन के पाचन में शरीर की ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है।
  • प्रोटीन लेने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस करता है।
  • प्रोटीन बॉडी फैट बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
  • बीमारी या वजन घटने के बाद प्रोटीन मेटाबॉलिक बैलेंस बनाए रखता है।

सवाल– प्रोटीन के साथ अक्सर से समस्या होती है कि वो ठीक से पचता नहीं है। इसके लिए क्या करना चाहिए?

जवाब- कई लोगों को प्रोटीन लेने के बाद गैस, भारीपन या अपच की समस्या होती है। इसकी बड़ी वजह है प्रोटीन की ज्यादा मात्रा, गलत सोर्स या कमजोर पाचन क्षमता। प्रोटीन पचाने के लिए शरीर को पर्याप्त एंजाइम, पानी और सही टाइमिंग चाहिए। अगर एक बार में बहुत ज्यादा प्रोटीन लिया जाए, तो पेट पर दबाव पड़ता है। ये समस्या सप्लीमेंट के साथ ज्यादा होती है। इसलिए खाने में प्रोटीन कई बार में लें, नेचुरल फूड को प्राथमिकता दें और अपनी पाचन क्षमता के हिसाब से मात्रा तय करें।

सवाल- शरीर की प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए क्या खाना चाहिए ?

जवाब- शरीर की प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतर तरीका डेली डाइट से प्रोटीन लेना है। नेचुरल फूड से मिलने वाला प्रोटीन आसानी से पचता है और शरीर उसका सही तरीके से इस्तेमाल करता है। अलग-अलग सोर्स से प्रोटीन लेने से सभी जरूरी अमीनो एसिड मिलते हैं। उम्र, वजन और एक्टिविटी के हिसाब से मात्रा तय करनी चाहिए। अगर खानपान संतुलित हो, तो ज्यादातर लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है।

सवाल– अगर कोई इस जरूरत को प्रोटीन सप्लीमेंट के जरिए पूरा करे तो क्या ये हेल्दी है?

जवाब- प्रोटीन सप्लीमेंट तभी हेल्दी माने जा सकते हैं, जब शरीर को उसकी जरूरत हो और इसे डॉक्टर ने रेकमेंड किया हो।

  • सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए नेचुरल फूड से प्रोटीन लेना बेहतर है।
  • बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने वालों को जरूरत पड़ सकती है।
  • बुजुर्गों को या सर्जरी की रिकवरी वाले फेज में उपयोगी हो सकता है।
  • डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूरी है।
  • गलत मात्रा से पाचन, किडनी पर असर पड़ता है।
  • लोकल या अनब्रांडेड सप्लीमेंट से बचें।
  • ध्यान रखें कि सप्लीमेंट सहारा है, भोजन का विकल्प नहीं है।

सवाल- प्रोटीन खाने का सही समय क्या है?

जवाब- प्रोटीन का फायदा समय से ज्यादा उसे सही तरीके से खाने में मिलता है।

  • सुबह नाश्ते में लेना फायदेमंद है।
  • दोपहर के खाने में शामिल करें।
  • एक्सरसाइज के बाद लेना मददगार है।
  • एक बार में बहुत ज्यादा न लें।
  • प्रोटीन इनटेक पूरे दिन में 3-4 हिस्सों में बांटें।
  • खाली पेट भारी मात्रा में लेने से बचें।
  • नियमित और संतुलित समय सबसे बेहतर होता है।।

सवाल- प्रोटीन के साथ फाइबर खाना क्यों जरूरी है?

जवाब- प्रोटीन के साथ फाइबर खाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दोनों मिलकर पाचन और मेटाबॉलिक हेल्थ को संतुलित रखते हैं।

  • फाइबर प्रोटीन के पाचन को आसान बनाता है।
  • गैस, कब्ज और भारीपन से बचाता है।
  • ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है।
  • पेट लंबे समय तक भरा रखता है।
  • वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • गट हेल्थ और हेल्दी बैक्टीरिया को सपोर्ट करता है।

सवाल- क्या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाना नुकसानदायक भी हो सकता है?

जवाब- हां, जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना कुछ कंडीशंस में नुकसानदायक हो सकता है, खासकर जब यह लंबे समय तक किया जाए।

  • बहुत ज्यादा प्रोटीन से किडनी पर दबाव बढ़ सकता है।
  • पाचन समस्याएं, गैस और कब्ज हो सकता है।
  • डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है।
  • कैल्शियम लॉस से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
  • फैट और कैलोरी ज्यादा होने से वजन बढ़ सकता है।
  • सप्लीमेंट के ओवरयूज से लिवर पर असर पड़ता है।
  • संतुलन बिगड़ने पर मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है।
  • इसलिए प्रोटीन उतना ही लें, जितनी शरीर को जरूरत हो।

सवाल- किन लोगों को प्रोटीन खाते हुए थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- कुछ लोगों के लिए ज्यादा या गलत तरीके से प्रोटीन लेना जोखिम भरा हो सकता है।

  • किडनी डिजीज से परेशान लोग
  • लिवर की समस्या वाले लोग
  • डायबिटिक लोग
  • बुजुर्ग, जिनका पाचन कमजोर है
  • गाउट या यूरिक एसिड की समस्या वाले लोग
  • गर्भवती महिलाएं

इन लोगों को प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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