नोएडा में 100 करोड़ की GST चोरी का भंडाफोड़!!!
विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल के जरिए करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को एसटीएफ नोएडा यूनिट ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस, जितेंद्र झा, पुनीत अग्रवाल और शिवम हैं।
एसटीएफ के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एनसीआर और गाजियाबाद क्षेत्र में महेश इंटरप्राइजेज समेत कई बोगस फर्मों का रजिस्ट्रेशन कर फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल तैयार किए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों को वास्तविक फर्मों को बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए की राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि हरदीप सिंह नई दिल्ली में एकाउंटेंसी से जुड़ा काम करता है। उसके साथ जितेंद्र झा, पुनीत अग्रवाल, आलोक अग्रवाल और शिवम मिलकर काम करते थे। यह गिरोह कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में बनाता था, बिना किसी वास्तविक खरीद के फर्जी सेल्स इनवाइस काटता था और बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करता था। इसके बाद फर्जी जीएसटी रिटर्न भी दाखिल की जाती थी।
व्हाट्सऐप से मंगवाता था डिटेल
एसटीएफ के मुताबिक, हरदीप सिंह वास्तविक फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा नेटवर्क चला रहा था। वास्तविक फर्म के मालिक अपना जीएसटी नंबर, माल या सेवा का विवरण, मात्रा और कीमत व्हाट्सएप के जरिए हरदीप सिंह को भेजते थे। इसके बाद आरोपी बोगस फर्मों के नाम से फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करते और वही विवरण संबंधित फर्मों को उपलब्ध करा देते थे।
बोगस खातों में दिखाया जाता था लेन-देन
फर्जी इनवॉइस को असली दिखाने के लिए संबंधित वास्तविक फर्मों द्वारा बैंक खातों के जरिए इनवाइस में दर्शाई गई रकम बोगस फर्मों के खातों में ट्रांसफर दिखाई जाती थी। इसके बाद कैश और सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए पैसों का हिसाब बराबर कर लिया जाता था।
30 से ज्यादा लॉगिन आईडी बरामद
एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों के पास कई फर्मों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड की एक्सेस थी। वे ओटीपी लेकर आसानी से बैंक ट्रांजैक्शन और जीएसटी रिटर्न फाइलिंग कर लेते थे। आरोपियों के मोबाइल फोन से 30 से अधिक ई-मेल आईडी बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल बोगस फर्मों के पंजीकरण, फर्जी इनवाइस, ई-वे बिल और बैंकिंग ओटीपी प्राप्त करने में किया जाता था।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पते पर दर्जनों बोगस फर्में रजिस्टर्ड कराकर बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की है। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों की तलाश में जुटी है।


