8 साल 4 महीने और 12 दिन से नहीं हुआ कोई परमाणु परीक्षण ?
दुनिया में छाई अजीब सी शांति… 8 साल 4 महीने और 11 दिन से नहीं हुआ कोई परमाणु परीक्षण
दुनिया में 8 साल, 4 महीने और 11 दिनों से कोई परमाणु परीक्षण नहीं हुआ है, जो 1945 के बाद का सबसे लंबा अंतराल है। इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे नाजुक उपलब्धि बताते हैं। ट्रंप द्वारा अमेरिकी परमाणु परीक्षण के संकेत और START संधि की समाप्ति से यह स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। आखिरी परीक्षण उत्तर कोरिया ने 2017 में किया था।
नई दिल्ली। परमाणु परीक्षण को लेकर एक अहम रिकॉर्ड सामने आया है। दुनिया में 8 साल 4 महीने और 11 दिनों से कोई परमाणु परीक्षण नहीं हुआ है। 1945 के बाद पहली बार इतना लंबा समय बीता है जब किसी देश ने परमाणु परीक्षण नहीं किया।
परमाणु परीक्षणों का एक लंबा अंतराल अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ इसे फिलहाल एक नाजुक उपलब्धि मानते हैं। विशेषज्ञों ने चेताया है कि मौजूदा हालात में यह स्थिरता खतरे में पड़ सकती है क्योंकि ट्रंप ने अमेरिका में परमाणु परीक्षण के संकेत दिए हैं।
कब हुआ था आखिरी बार परमाणु परीक्षण?
आखिरी परमाणु परीक्षण उत्तर कोरिया ने 3 सिंतबर 2017 को किया था। दुनिया में अब तक 2050 से ज्यादा परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं। इसमें अमेरिका ने 1030, सोबियक संघ/रूस ने 700 से ज्यादा, चीन ने 45 और भारत ने 6 परीक्षण किए हैं। दुनिया में 12 हजार से ज्यादा परमाणु हथियार हैं और 90 प्रतिशत सिर्फ अमेरिका- रूस के पास हैं।
फरवरी के बाद बदल सकते हैं हालात
परमाणु हथियारों की सीमा तय करने वाली स्टार्ट संधि 5 फरवरी को खत्म हो सकती है। माना जा रहा है कि इसके बाद परिस्थितियां बदल सकती हैं। बता दें कि 1962 में अकेले 178 परमाणु परीक्षण हुए थे, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
किन-किन देशों के पास हैं परमाणु हथियार
नौ देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं। इसमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन, ब्रिटेन, पाकिस्तान, भारत, इजरायल और नॉर्थ कोरिया। कुल मिलाकर, दुनिया भर में न्यूक्लियर हथियारों का स्टॉक लगभग 13,000 है। हालांकि यह संख्या कोल्ड वॉर के समय से कम है, जब दुनिया भर में लगभग 60,000 हथियार थे।
इसके अलावा, लगभग सभी प्रमुख परमाणु शक्तियों वाले संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश अब अपने परमाणु हथियारों के जखीरे के आकार, क्षमता या दोनों बढ़ा रहे हैं। हथियारों की यह बढ़ती नई होड़ परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ा रही है।

