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नोएडा प्राधिकरण पहुंची SIT ने किन सवालों के तलाशे जवाब?

450 पेज की रिपोर्ट…125 लोगों के बयान, नोएडा प्राधिकरण पहुंची SIT ने किन सवालों के तलाशे जवाब?

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी जांच तेज हो गई है. टीम नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन की 450 पन्नों की रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है. अब तक 150 से अधिक अधिकारियों के बयान दर्ज हुए हैं. आज शाम या कल तक एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी, जिससे बचाव कार्य में हुई चूक और लापरवाही के जिम्मेदार तय हो पाएंगे.

450 पेज की रिपोर्ट...125 लोगों के बयान, नोएडा प्राधिकरण पहुंची SIT ने किन सवालों के तलाशे जवाब?

नोएडा सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम आज फिर से नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंची. नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन इन तीनों ने अलग-अलग अपनी विस्तृत रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी है. यह रिपोर्ट करीब 450 पेज की बताई जा रही है. एसआईटी के प्रमुख एडीजी मेरठ भानु भास्कर के नेतृत्व में टीम ने आज फिर से एक बार नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर इन रिपोर्ट की गहन समीक्षा शुरू कर दी है. इस मामले में अब तक 150 अधिकारियों, कर्मचारियों, नोएडा प्राधिकरण, पुलिस जिला प्रशासन, फायर विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सिविल विभाग और अन्य संबंधित जांच एजेंसी के बयान दर्ज हो चुके हैं.

रिपोर्ट तैयार करने के बाद आज शाम तक या कल तक एसआईटी की टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट पेश करेगी. जिसमें यह तय हो पाएगा कि आखिर 2 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान बचाने में चूक कहा हुई और सुरक्षा संसाधनों में किस-किस की लापरवाही सामने आई.

डिलीवरी बॉय के बयान दर्ज

युवराज मेहता की मौत मामले में जांच कर रही एसआईटी टीम ने घटना के चश्मदीद मुनेंद्र को भी बयान दर्ज करने के लिए नोएडा बुलाया है. मुनेंद्र करीब 2 बजे के आसपास एसआईटी के सामने पेश हुआ है. जांच टीम को उम्मीद है कि उसकी गवाही से हादसे के समय की परिस्थितियों और घटनाक्रम के बारे में गहनता से जानकारी मिल पाएगी. इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 150 में सड़क सुरक्षा को लेकर तैयारी शुरू कर दी. अधिकारियों ने इस बात को भी कैद किया है कि आखिर आपसे पहले सड़क और वहां के सिस्टम को दुरुस्त करने में क्यों लापरवाही की गई. हालांकि, एसआईटी टीम के पहुंचने के बाद प्राधिकरण ने अगले दिन ही वहां सड़कों पर साइन बोर्ड मार्किंग करवा दी थी.

एक युवा इंजीनियर की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है की सुरक्षा इंतजामों में कमी, सूचना में देरी और बचाव कार्य की छूट के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? इस मामले में अभी कई गिरफ्तारियां होनी बाकी है. एसआईटी ने पुलिस से भी पूछा है कि आखिर इन दोषियों की गिरफ्तारी में क्यों वक्त लग रहा है? फिलहाल एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में मौजूद है और तमाम टीमों से घटना की जानकारियां अभी जुटा रही है. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी भानु भास्कर से फोन पर जानकारी ली है.

शोक सभा का आयोजन

वहीं आज सेक्टर 150 में स्थित यूरेका सोसायटी में मृतक के परिवार वालों ने एक शोक सभा का आयोजन किया है. करीब 4 बजे के आसपास सोसाइटी में बने क्लब में मृतक की आत्मा को शांति देने के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया है. जिसमें समिति के गेट के बाहर तमाम मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ है. वहीं एतिहात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है.

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