‘कमल फ्लाइट में होगा तो क्या वहां खोजेंगे, हमारे पास 50 काम’ !!!
Kamal Death: ‘कमल फ्लाइट में होगा तो क्या वहां खोजेंगे, हमारे पास 50 काम’; थानों में भटकते भाई को मिला ये जवाब
भाई को ढूंढते परिजन एक पुलिस थाने से दूसरे थाने की चौखट पर भटकते रहे, लेकिन जवाब मिला क्या यही काम रह गया है। मंगोलपुरी से लेकर डाबड़ी और सागरपुर तक छह–सात थानों के चक्कर लगे, हर जगह पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए।
दिल्ली के डाबड़ी थाने में तो एक पुलिस कर्मी ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए कहा कि तुम्हारा भाई फ्लाइट में होगा तो वहां जाकर खोजें? हमारे पास 50 काम है, तुम्हारे भाई के लिए नहीं बैठे हैं। यह बात बिलखते हुए जनकपुरी में गड्ढे में गिरे कमल ध्यानी के भाई ने संवाद न्यूज एजेंसी से साझा की।

रात 11:53 बजे कमल से आखिरी बात, बोला दस मिनट में घर पहुंच रहा हूं। 45 मिनट बीते, कमल ने परिजनों का फोन नहीं उठाया। बेचैन परिजन देर रात 12:45 बजे निकले, जनकपुरी, रोहिणी ऑफिस, हर जगह ढूंढा।

विकासपुरी थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि कमल का फोन लग रहा है, लेकिन उठ नहीं रहा। कृपया लोकेशन ट्रैश कर दीजिए। पुलिस ने टरकाते हुए बोला नाम-नंबर लिखवा दो हम देख लेंगे। अगर तुरंत फोन ट्रैक किया होता, तो शायद कमल की सांसें बच जातीं।

परिजनों ने जनकपुरी थाने में मिन्नतें कीं। लोकेशन मिली, पार्क के पास। पुलिस ने व्हाट्सएप पर लोकेशन भेजी लेकिन डिलीट भी कर दी। मृतक का भाई करन वहां पहुंचा, अंधेरे में रोते, चीखते आवाज देता रहा लेकिन भाई नहीं मिला। 112 पर कॉल करने पर पहुंची पुलिस ने टका सा जवाब दिया क्या हम इसीलिए हैं। यह दिल दहलाने वाला रवैया देश की सबसे हाईटेक पुलिस का दंभ भरने वाली दिल्ली पुलिस का है।

दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में बाइक सवार कमल ध्यानी के गिरने की सूचना अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति (47) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गार्ड योगेश को भी तलाश रही है, जिसने घटना की जानकारी उप ठेकेदार को दी थी। हादसे के बाद से वह लापता है। इस बीच, कमल के परिजनों ने पुलिस और जल बोर्ड के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है।


पुलिस अधिकारी ने बताया कि गार्ड ने तुरंत योगेश नामक गार्ड को बताया, जिसने देखा कि गड्ढे में कोई गिरा है। योगेश ने रात करीब 12:22 बजे राजेश को सूचना दी। राजेश मौके पर तो पहुंचा, लेकिन न तो उसने पुलिस को सूचित किया न आपातकालीन प्राधिकरण को जानकारी दी।


नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब राजधानी दिल्ली में जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। जनकपुरी वी-ब्लॉक में 20 फीट गहरे गड्ढे में बृहस्पतिवार रात गिरे युवक ने मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

जनकपुरी थाने में ठेकेदार और जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने जांच समिति बनाते हुए जल बोर्ड के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।

मूलरूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पोखरा गांव निवासी कमल ध्यानी (25) परिवार के साथ पालम के कैलाशपुरी में रहते थे। वह रोहिणी में एचडीएफसी के कॉल सेंटर में कार्यरत थे। भाई करण ने बताया, रात 11:53 बजे कमल ने फोन पर बताया कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास पहुंच गया है, 10-15 मिनट में घर पहुंच जाएगा।


