फर्जीवाड़े पर रोक लगाने इंदौर विकास प्राधिकरण अब ऑनलाइन जारी करेगा भूखंड और योजनाओं की एनओसी
फर्जीवाड़े पर रोक लगाने इंदौर विकास प्राधिकरण अब ऑनलाइन जारी करेगा भूखंड और योजनाओं की एनओसी
Indore Development Authority: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) सहित अन्य विभागों से अनुमति लेने के लिए कई मामलों में आईडीए की एनओसी अनिवार्य होती है। पहले यह एनओसी कागजी रूप में दी जाती थी, जिससे बाजार में नकली और छेड़छाड़ की गई अनुमतियों के सामने आने की शिकायतें बढ़ी थीं।
इंदौर विकास प्राधिकरण की इमारत। फाइल फोटो
- ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया होगी आसान और तेज
- एनओसी की हार्ड कॉपी लेकर भटकना नहीं पड़ेगा
- सिस्टम सीधे संबंधित विभाग के पोर्टल पर एनओसी अपलोड करेगा
इंदौर। एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है।
अब आईडीए द्वारा भूखंड, लेआउट और विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित एनओसी मैन्युअल रूप से नहीं दी जाएगी, बल्कि सीधे ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से संबंधित विभागों और एजेंसियों को जारी की जाएगी।
पहले यह एनओसी कागजी रूप में दी जाती थी, जिससे बाजार में नकली और छेड़छाड़ की गई अनुमतियों के सामने आने की शिकायतें बढ़ी थीं। इसी को देखते हुए आईडीए ने प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जी दस्तावेजों पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत अब आवेदक को एनओसी की हार्ड कॉपी लेकर भटकना नहीं पड़ेगा। आईडीए का सिस्टम सीधे संबंधित विभाग के पोर्टल पर एनओसी अपलोड करेगा, जिससे सत्यापन आसान होगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
इससे न सिर्फ आम नागरिकों और डेवलपर्स को राहत मिलेगी, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा। आईडीए अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से समय की बचत होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे। आने वाले समय में अन्य सेवाओं को भी इसी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की तैयारी की जा रही है।

