मथुरा से द्वारका तक, श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा से जुड़े 9 अद्भुत तीर्थ स्थल !
मथुरा से द्वारका तक, श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा से जुड़े 9 अद्भुत तीर्थ स्थल
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के कई अवतार अलग-अलग युग में जन्मे। इन्हीं में से एक प्रभु श्रीकृष्ण अवतार है जिनका जीवन धर्म, नीति, प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम है। कन्हैया का जन्म, उनकी बाल लीलाएं, युवावस्था, राजधर्म और अतत: वैराग्य तक हर पड़ाव भारत के अलग-अलग पवित्र स्थलों से जुड़ा हुआ है।
भगवान श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा हमें प्रेम, धर्म, नीति और वैराग्य का संदेश देती है। अगर आप धार्मिक यात्रा के शौकीन हैं या कृष्ण भक्त हैं, तो श्रीकृष्ण के 9 पवित्र स्थल आपकी तीर्थ सूची में जरूर होने चाहिए। इन 9 पवित्र स्थलों की यात्रा केवल धार्मिक अनुभव ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का अवसर भी है। अगर आप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति चाहते हैं, तो एक बार श्रीकृष्ण की इस दिव्य यात्रा पर अवश्य निकलें।
श्रीकृष्ण यात्रा के लिए ट्रैवल टिप्स
- यात्रा का सर्वोत्तम समय- अक्टूबर से मार्च
- जन्माष्टमी और होली के समय विशेष आयोजन
- मथुरा-वृंदावन के लिए दो-तीन दिन का समय रखें
- द्वारका और सोमनाथ के लिए अलग यात्रा प्लान बनाएं
- धार्मिक स्थलों पर सादगीपूर्ण वस्त्र पहनें

मथुरा, श्रीकृष्ण की जन्मभूमि
- यहीं कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
- मुख्य आकर्षण- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, विश्राम घाट
- यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में है।

गोकुल,बाल लीलाओं की भूमि
- जन्म के बाद नंद बाबा के घर गोकुल में ही श्रीकृष्ण का पालन-पोषण हुआ।
- मुख्य स्थल- नंद भवन, रमणरेती
- यहां की गलियां आज भी बाल-कृष्ण की लीलाओं की गवाही देती हैं।
- यशोदा मां की लोरियां और गोकुल के घर-घर में माखन चुराने की उनकी कथाएं प्रचलित है।

वृंदावन, प्रेम और रासलीला की नगरी
- राधा-कृष्ण की रासलीलाओं का पावन स्थल है।
- प्रमुख मंदिर- बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर
- यहां हर कोना भक्ति और प्रेम से सराबोर है।
- यहां राधा रानी और गोपियों की मौजूदगी को रात के समय महसूस किया जा सकता है।

नंदगांव, नंद बाबा की नगरी
- यह स्थान श्रीकृष्ण के किशोर काल से जुड़ा है।
- नंद राय मंदिर यहां का मुख्य आकर्षण है।

बरसाना, राधा रानी की जन्मभूमि
बरसाना राधा जी का गांव माना जाता है।
लाडली जी मंदिर और यहां की लठमार होली विश्व प्रसिद्ध है।

उज्जैन, शिक्षा स्थली
- श्रीकृष्ण ने गुरु संदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की।
- यहां का संदीपनि आश्रम आज भी दर्शनीय है।
- इसी आश्रम में उनकी मित्रता सुदामा से हुई।

द्वारका, कर्मभूमि और राजधर्म
- मथुरा छोड़कर श्रीकृष्ण ने द्वारका को अपनी राजधानी बनाया।
- मुख्य आकर्षण: द्वारकाधीश मंदिर
- यह चार धामों में से एक प्रमुख धाम है।

कुरुक्षेत्र, गीता उपदेश की भूमि
- महाभारत युद्ध के दौरान यहीं अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया गया।
- विशेष स्थल: ज्योतिसर
- यह स्थान धर्म और कर्म का प्रतीक है।

सोमनाथ, वैराग्य और देह त्याग स्थल
- मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने यहीं प्रभास क्षेत्र में देह त्याग किया।
- सोमनाथ मंदिर के निकट यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है।

