नई दिल्ली। एक वक्त था, जब देश के रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर किताबों की दुकान होती थी। ट्रेन और बस से सफर करने वाले लोग वक्त काटने के लिए किताबें खरीदकर पढ़ते थे। लेकिन वक्त बदला और किताब की दुकानें सिमटते-सिमटते नाममात्र की रह गईं।

किताबों की जगह लोगों के हाथ में स्मार्टफोन आ गया और सफर कहानियां पढ़ने की बजाय रील देखने और फिल्में देखने में कटने लगा। लेकिन केरल में अब एक अनूठी पहल होने जा रही है। यहां फिर से लोगों में पढ़ने की आदत डालने के लिए अब फ्री लाइब्रेरी शुरू की जा रही है।

बस स्टैंड पर फ्री लाइब्रेरीदरअसल केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट के बस स्टैंड पर अब निशुल्क पुस्तकालय खोले जा रहे हैं। 

इनका नाम ‘पुस्तका कूडु’ रखा गया है। ‘पुस्तका कूडु’ का अंग्रेजी में मतलब बुक नेस्ट होता है यानी किताबों का घोंसला।

इन लाइब्रेरी का संचालन केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट का संगठन वायनशाला करेगा। केरल में पहला पुस्तक गांव भी बना है, जो पेरमकुलम में है। बस स्टैंड पर लाइब्रेरी शुरू करने की प्रेरणा भी इसी से मिली है।

शुरुआत कुन्नूर से हो गई है। दो दिन पहले यहां 250 पुस्तकों से पहला ‘पुस्तका कुडु’ खोला गया। संरक्षक पी.वी. राथीशन के मुताबिक जल्द ही कासरगोड, प्यायनूर, थोडुपुझा, पराशाला और चेरथला डिपो में भी ‘पुस्तका कुडु’ खोले जाएंगे।