पूर्वी दिल्ली। एक शख्स के साथ बैंक में चेक के जरिये दो लाख रुपये की ठगी हुई। पीड़ित ने इंसाफ के लिए थाने के चक्कर लगाए। इंसाफ तो दूर पुलिस ने उसकी एफआईआर तक नहीं की। अंत में पीड़ित ने खुद ही भागदौड़ करके आरबीआई की मदद से अपनी रकम वापस हासिल की। अब दो माह बाद पुलिस की नींद खुली और पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया।

पीड़ित कौशल किशोर अपने परिवार के साथ गोकलपुर गांव में रहते हैं। पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका बैंक खाता गोकलपुरी के पंजाब नेशनल बैंक में है। गत वर्ष उन्हें अपने अपने बेटे का एक निजी स्कूल में दाखिला करवाना था। उसके लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी। पीड़ित को उनके पिता ने मदद के तौर पर दो लाख रुपये का चेक दिया था।

पीड़ित ने उस चेक को 17 अप्रैल 2025 को पंजाब नेशनल बैंक गए। पीड़ित का दावा है कि उस चेक पर उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी लिखी और उसके बाद बैंक के ड्राॅप बाॅक्स में डाल दिया। आरोप है कि उनके पिता के खाते से रकम कट गई लेकिन उनके खाते में ट्रांसफर नहीं हुई।

आरोप है पीड़ित पीएनबी बैंक गए, वहां उन्हें बताया गया कि राशि बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में नरेंद्र कुमार नाम के खाते में गई है। पीड़ित ने सवाल किया, जब चेक पर उनके खाते की जानकरी थी तो रकम दूसरे के खाते में कैसे चली गई। मैनेजर व कर्मचारियों ने उनकी कोई मदद नहीं की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी नहीं दिखाई।

इसके बाद पीड़ित शिकायत लेकर थाने गए, पुलिस ने मदद नहीं की। इसके बाद पीड़ित आरबीआई गए। आरबीआई ने गत दिसंबर में पीड़ित को बैंक आफ बड़ौदा व पीएनबी से दो लाख रुपये वापस दिलवाए। इसके बाद पुलिस की नींद खुली और 12 फरवरी को ठगी का केस दर्ज किया।