अजीत डोभाल, चार केंद्रीय मंत्री समेत छह मुख्यमंत्री होंगे शामिल
भारत का प्रतिनिधित्व इस बैठक में बेहद मजबूत है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू शामिल होंगे। इसके अलावा छह मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन बैठक में भाग लेंगे।
इसके अलावा गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी और उत्तर प्रदेश का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दावोस में शामिल होंगे। भारतीय प्रतिनिधि समूह कई चर्चाओं में हिस्सा लेंगे, जिसमें यह भी चर्चा होगी कि भारत क्या दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। द्विपक्षीय बैठकें भी इस दौरान आयोजित होंगी।
प्रमुख कंपनियों के सीईओ भी होंगे शामिल
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में बैठक में मौजूद रहेंगी। इस बैठक में भारत की प्रमुख कंपनियों के सीईओ भी शामिल हैं, जिनमें मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज), एन. चंद्रशेखरन (टाटा समूह), संजीव बजाज (बजाज समूह), हरि एस भरतिया (जुबिलेंट भरतिया ग्रुप) और सुदर्शन वेणु (टीवीएस मोटर) शामिल हैं।
इंडिया पवेलियन का संदेश
भारत की भागीदारी को प्रमुखता देने के लिए पवेलियन और विभिन्न स्टॉल्स में मुख्य संदेश है- ‘भारत के साथ पार्टनरशिप करें और भविष्य को सब्सक्राइब करें।’ कई बड़ी आईटी कंपनियों ने अपने पवेलियन और एआई लाउंज तैयार किए हैं, जिसमें विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा शामिल हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना समेत कई राज्य सरकारों के पवेलियन भी बनाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दावोस में पांच हजार से अधिक सशस्त्र जवान तैनात हैं। अहम जगहों पर स्नाइपर्स, एआई-सक्षम ड्रोन, स्पाइवेयर और जासूसी रोधी उपकरण लगाकर सुरक्षा की गई है। शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स और रैंडम स्थानों पर सुरक्षा जांच की जा रही है