नई दिल्ली। दिल्ली में विकराल होती पार्किंग की समस्या को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए मौजूदा पार्किंग स्थलों के साथ की समस्याओं को दूर करने के लिए एकीकृत पार्किंग प्रबंधन नियामक एजेंसी के गठन की योजना पर काम चल रहा है। इसके दायरे में रेलवे व एमसीडी के साथ ही निजी पार्किंग स्थलों समेत अन्य सभी पार्किंग स्थलों को लाया जाएगा ताकि आवश्यकतानुसार, पार्किंग व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन और निगरानी हो सके।

खराब व्यवहार जैसी शिकायत आम एमसीडी उस मसौदे पर काम कर रही है, जिसे तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के समक्ष भेजा जाएगा। इस संबंध में आरपी सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में कई स्थानों पर सड़कों पर और सार्वजनिक भूमि पर अवैध पार्किंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर पार्किंग शुल्क से जुड़ी शिकायतें भी आ रही हैं, जिसमें मनमाना शुल्क वसूली, गंदगी और कर्मियों के खराब व्यवहार जैसी शिकायत आम है।

मौजूदा समय में करीब 450 पार्किंग स्थल

दिल्ली में एमसीडी के साथ ही रेलवे व एमसीडी, कुछ स्थानों पर डीडीए पार्किंग स्थलों का संचालन कर रही है। इसी तरह, अस्पताल, माल व निजी पार्किंग भी है, सभी को एक एजेंसी के तहत लाया जाएगा। उसका डाटा बैंक तैयार कर भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्था लागू की जा सकेगी। निगम के अधीन मौजूदा समय में करीब 450 पार्किंग स्थल हैं।

लगभग 15 बहुमंजिला कार पार्किंग

उनमें से अधिकतम भूतल पार्किंग और लगभग 15 बहुमंजिला कार पार्किंग है। निगम की योजना है कि दिल्ली में सभी सार्वजनिक व निजी पार्किंग स्थलों का प्रबंधन और निगरानी एक ही सरकारी विभाग करें। इससे पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।