मुरादाबाद में पुलिस पर फिर एक की हत्या का आरोप…. वर्दीवालों ने पति को पीटकर मार डाला

मियां-बीवी का झगड़ा था, साले की सूचना पर पहुंचे…..

  • खाकी वर्दी वाले लात-घूसों और डंडों से मारते ले गए थे थाने

मुरादाबाद पुलिस पर एक युवक को पीट- पीटकर मार डालने का आरोप है। युवक शहर के एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर था। मियां – बीवी के झगड़े में पुलिस उसे घर से उठाकर लाई थी। पुलिस वाले घर से ही कंपाउंडर को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटते हुए लाए थे। घंटे भर बाद घर वालों को पता चला कि पुलिस कस्टडी में कंपाउंडर की मौत हाे गई। पुलिस हिरासत में बेटे की मौत पर भड़के परिजनों और लोगों ने हरिद्वार हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे SP ग्रामीण विद्यासागर मिश्रा ने दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

कंपाउंडर के साले ने की थी 112 पर कॉल
घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव सेहल की है। यहां रहने वाले भूपेंद्र पांडेय मुरादाबाद के विवेकानंद अस्पताल में कंपांउंडर थे। भूपेंद्र की शादी करीब 3 साल पहले रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र में स्थित गंगापुर गांव की साधना से हुई थी। पति- पत्नी के बीच गुरुवार रात को कुछ विवाद हुआ था, जिसकी सूचना साधना ने गंगापुर में अपने भाई प्रदीप पांडेय को फोन पर दी। सुबह 9 बजे दीपक ने 112 को कॉल करके ससुराल में बहन की पिटाई की सूचना पुलिस को दी। उसके बाद सेहल में भूपेंद्र के घर डायल 112 की गाड़ी पहुंची थी।

दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हरिद्वार हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते कंपाउंडर के परिजन और लोग।
दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हरिद्वार हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते कंपाउंडर के परिजन और लोग।

पुलिस वाले पीटते हुए गाड़ी में डालकर ले गए
कंपाउंडर भूपेंद्र के पिता विनोद पांडेय और छोटे भाई दीपक पांडेय ने बताया कि पुलिस वाले घर पहुंचे और भूपेंद्र से मारपीट करने लगे। बिना कुछ बात किए पुलिस वालों ने पीटना शुरू किया और भूपेंद्र को लाठी – डंडों व लात- घूसों से पीटते हुए जीप में डालकर ले गए। परिवार के लोगों ने बात करने की कोशिश की। कहा कि पति – पत्नी का झगड़ा है, डांट-डपट करने से सुलझ जाएगा, लेकिन पुलिस वाले नहीं माने।

घंटे भर बाद आई मौत की खबर
दीपक पांडेय ने बताया कि पुलिस वालों के ले जाने के घंटाभर बाद ही सूचना आई कि भूपेंद्र की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें तुरंत विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मारपीट करने के आरोपी पुलिस वाले मौके से भाग गए। भड़के परिजनों ने विवेकानंद अस्पताल के सामने सड़क हरिद्वार हाईवे पर रखा और जाम लगा दिया।

ASP ग्रामीण ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन सड़क से शव हटाने को तैयार हुए।
ASP ग्रामीण ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन सड़क से शव हटाने को तैयार हुए।

पुलिस वाले बोले- जहर का इंजेक्शन लगाया
आरोपी पुलिस वालों ने बेतुकी सफाई दी है। घटना के बाद आरोपी पुलिस वालों ने अपने सिपहसलारों के जरिए परिजनों को समझाने की कोशिश की कि भूपेंद्र ने कस्टडी में खुद को जहर का इंजेक्शन लगा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, आरोपी पुलिस वाले घटना के बाद से ही गायब हैं और सामने आने से कतरा रहे हैं।

ASP बोले- FIR लिखेंगे, दोषियों पर कार्रवाई होगी

अपर पुलिस अधीक्षक ( ग्रामीण) विद्या सागर मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया कि डायल 112 पर तैनात पुलिस वालों पर मारपीट करने का आरोप है। परिजनों ने हत्या करने का आरोप लगाया है। जो तहरीर मिलेगी, उसके अनुसार पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी। जो भी पुलिस वाले दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

साला बोला- मुझे नहीं पता था ऐसा हो जाएगा
पुलिस कस्टडी में मरे कंपाउंडर भूपेंद्र पांडेय के साले प्रदीप पांडेय ने दैनिक भास्कर को पूरा घटनाक्रम बताया। प्रदीप ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बहन साधना से मारपीट करते थे। इस मामले में कई बार पंचायत भी बैठ चुकी थी, लेकिन उनकी बहन के साथ मारपीट का सिलसिला नहीं रुका।

प्रदीप बोले- “शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे बहन ने फिर से रोते हुए फोन किया। बताया कि रात में फिर पति ने उसे बेरहमी से पीटा था।” बोले- “बहन का दर्द देख मुझसे रहा नहीं गया और मैंने डायल 112 को फोन कर दिया। मुझे पता नहीं था कि बात यहां तक पहुंच जाएगी”।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *