GSVM सुपर-स्पेशलिटी के लिए 70 से 80 फीसदी उपकरण इनस्टॉल ……12 नए विभाग शुरू होंगे, एडवांस्ड उपकरणों से लैस होगा यह अस्पताल
हैलट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की तैयारियां तेजी से की जा रही है। इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के 70 से 80 फीसदी उपकरण और अन्य सामान खरीदा जा चूका है। इन उपकरणों को इन्स्टॉल भी किया जा रहा है। साथ ही जांच के लिए आयी मशीनों को भी लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। गुरुवार को सिटी स्कैन मशीन, एडवांस्ड एमआरआई मशीन को लगाने का काम शुरू हुआ। वहीं ओटी में भी एडवांस्ड और कंप्यूटराइज्ड सिस्टम वाली मशीनों से संचालित किया जायेगा। जिस रफ़्तार से इस बिल्डिंग में काम चल रहा है उसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज के सूत्र बता रहे है कि आगामी 28 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के कानपुर दौरे में इस अस्पताल का उद्घाटन कराया जा सकता है।

डेडिकेटेड पॉवर सप्लाई और डॉक्टरों की कमी…
जब हमने पीएम मोदी से उद्घाटन की बात प्राचार्य डॉ संजय काला से पूछीं तो उन्होंने कहा, अभी तक डेडिकेटेड पावर सप्लाई जो मिलने चाहिए वो तक नहीं मिल पाई है। मरीजों का इलाज मशीनें नहीं करती डॉक्टर करते है। उनकी जो रिक्वेस्ट हम लोगों ने शासन को भेजी थी वह अभी तक अप्रूव नहीं हो पाई है, ऐसे में कैसे उद्घाटन हो पाएगा। जो बजट पास हुआ था उसका पैसा अभी तक रिलीज़ नहीं हो पाया है।

एडवांस्ड उपकरणों से लैस होगा यह सुपर स्पेशलिटी…
सिटी स्कैन मशीन, एडवांस्ड एमआरआई मशीन और एडवांस्ड और कंप्यूटराइज्ड सिस्टम वाली मशीनों वाले ओटी के अलावा पोस्ट ऑपरेटिव वार्डों के लिए एडवांस वैंटिलेटर भी आ चुके है और अस्पताल के अलग अलग विभागों को बाटें भी जा चुके है। बेंगलुरु, जयपुर और मुंबई से अलग अलग इंजीनियर इन मशीनों को सेट करने में लगे है। नोडल ऑफिसर डॉ मनीष सिंह ने बताया, हम लोग हर मशीन की जांच अच्छे से कर रहे है। इसके पहले जो लॉट आया था उसमे कलर डॉप्लर समेत कई हाईटेक मशीनें थी, जैसे रीढ़, मस्तिष्क और तंत्रिकाओं की केंद्रित रेडियोलॉजिकल की जांच के लिए मशीन आ चुकी है। हाईटेक डिजिटल एक्स-रे मशीन भी आके इनस्टॉल हो चुकी है।

12 नए विभाग शुरू होंगे…
प्राचार्य संजय काला ने बताया, हम लोग 12 नए विभाग शुरू करने जा रहे है इस नए बन रहे अस्पताल में जिसमें, एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, दर्द और उपशामक देखभाल, ऑर्थोप्लास्टी, गैस्ट्रो मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, पीडियाट्रिक सर्जरी और गैस्ट्रो सर्जरी सहित कई विभागों में ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी। अस्पताल में न्यूरोराडियोलॉजी का एक अलग विभाग स्थापित किया जाएगा। प्राचार्य ने आगे बताया, हर सेक्टर में 5 लोगों की एक फैकल्टी होगी। इसमें एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर, एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक सीनियर रेजिडेंट और एक रेजिडेंट शामिल होंगे। इन्हीं सब के लिए हमने शासन को प्रस्ताव भेजा है।