अयोध्या के लिए 20 हजार करोड़ की परियोजनाएं मंजूर, जानिए कैसे बदलेगी रामजन्‍म भूमि की तस्‍वीर

राममंदिर निमार्ण के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के आजादी के 100 साल पूरे होने तक अयोध्‍या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने की कल्‍पना या यूं कहें कि सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाने शुरू हो चुके हैं.

राममंदिर निमार्ण के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra Modi)  और बीजेपी (BJP) के आजादी के 100 साल पूरे होने तक अयोध्‍या (Ayodhya) को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने की कल्‍पना या यूं कहें कि सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाने शुरू हो चुके हैं. हिंंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय से ही अकेले 20 हजार करोड़ की परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कराया है.

हाल ही में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिल चुका है. यही नहीं बल्कि चार हजार करोड़ की लागत से 275 किलोमीटर के हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा दस हजार करोड़ की लागत से वाया अयोध्या होकर गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन बनाने की परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है. इसके अतिरिक्त छह हजार करोड़ की लागत से करीब 70 किलोमीटर रिंग रोड जिसे अब बाईपास रोड़ नाम दे दिया गया को भी मंजूरी मिल गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी छह जनवरी को इसकी आधारशिला रखेंगे.

चार रेलवे ओवरब्रिज, सरयू नदी पर दो पुल और पांच प्रमुख मार्ग का होगा निर्माण

70 किलोमीटर रिंग रोड तीन जिलों अयोध्या, बस्ती और गोंडा से होकर गुजरेगी. इसका डीपीआर अहमदाबाद की कंपनी की ओर से तैयार किया गया है जिसमें अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा भी शामिल है. सांसद लल्लू सिंह के अनुसार, चार रेलवे ओवरब्रिज, सरयू नदी पर दो पुल और पांच प्रमुख मार्ग पर निर्माण होने हैं. इस बाईपास से कनेक्टिविटी पहले से बेहतर होगी. धार्मिक पर्यटन के साथ कारोबारियों को भी फायदा होगा.

275 किमी लंबा होगा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग

करीब चार हजार करोड़ रुपए की लागत से अयोध्‍या में 275 किमी लंबा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाया जाएगा, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग ने सर्वे पूरा कर लिया है. इस मार्ग से अयोध्‍या के 51 पौराणिक महत्व के तीर्थ स्थल जुड़ेंगे. मौजूदा समय में अयोध्या, अम्बेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी और बस्ती से गुजरने वाला यह परिक्रमा मार्ग करीब 233 किमी लंबा है.इसके लिए चौड़ाई में 45 मीटर जमीन ली जाएगी. करीब चार हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए जमीन लेने का काम दिसंबर 2022 तक पूरा किया जाना है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से बनाए जाने वाला परिक्रमा मार्ग 275 किमी लंबा होगा.

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