BJP विधायक सुरेंद्र सिंह के तीखे आरोप- सांसद हैं भूमाफिया, 50 एकड़ जमीन कब्जाने नहीं दी, तो टिकट कटा

यूपी के पूर्वांचल के बलिया से बैरिया विधानसभा से विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह का टिकट गया है। इस पर उनके सुर बगावती हो गए हैं। वह लगातार पार्टी के खिलाफ तीखी बयानबाजी कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैंने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को 50 एकड़ जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया। इसलिए मेरा टिकट काटा गया। मैं चुनाव लडूंगा या नहीं इस पर फैसला 8 फरवरी को जनता के सामने होगा। जेडीयू, सपा और जनसत्ता दल कोई भी टिकट भी दें, सबका स्वागत करते हैं। मैं अगर लड़ा तो भाजपा बलिया से सारी सीटें हार जाएगी’।

सवाल : टिकट कट गया अब आप क्या करेंगे?
जवाब : जनता की सेवा करना ही मेरी राजनीति का प्रथम संकल्प है। जनता के बीच में फिर जाना है, अगर जनता आशीर्वाद देगी तो फिर विधायक बनेंगे। अगर नहीं आशीर्वाद देगी तो फिर ऐसे ही समाज की सेवा करनी है।

सवाल : आप अपनी सरकार के खिलाफ भी बयान देते रहे हैं, कहीं ये तो वजह नहीं?
जवाब : मेरा धर्म है जनता के लिए काम करना। इसलिए आया हूं और विधानसभा में इसकी आवाज उठाया हूं। जनता की सेवा करने में उनकी बात रखने में अगर यही परिणाम है कि मेरा टिकट कट जाता है। तब मैं इसका प्रसन्नता पूर्वक चुनौती मानता हूं और इस टिकट काटने को स्वीकार करते हुए फिर से जनता के बीच जाऊंगा।

विधायक सुरेंद्र और योगी-फाइल फोटो
विधायक सुरेंद्र और योगी-फाइल फोटो

सवाल : अगर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, तो किसको नुकसान पहुंचेगा?
जवाब : राजनीति में एकमात्र आश होता है अपना जीतने का। राजनीति में नुकसान पहुंचाना या नहीं पहुंचाना यह कोई लक्ष्य नहीं होता है। मैं चुनाव जीतने के लिए लड़ूंगा, किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं।

सवाल : आप अपने क्षेत्र की जनता की आवाज उठाते-उठाते कई बार अपनी सरकार के खिलाफ भी आवाज उठाते रहे?
जवाब : समाज के काम करना है तो मैं जानता हूं कि मेरे क्षेत्र में मेरे द्वारा समाज के लिए क्या हो सकता है। अगर मेरी भावना का आदर मेरी पार्टी नेतृत्व नहीं किया है तो उसी विषय को चुनौती मान करके राजनीति में रहूंगा। अगर नेता का चर्चा करना दुर्गुण है तो दुर्गुण मेरे अंदर है तो फिर मैं अपने उस दुर्गुण को लेकर के उस समाज में जाने के लिए प्रयास करूंगा।

सवाल : बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त से आपकी पुरानी अदावत है, कहीं टिकट कटवाने में उनका हाथ तो नहीं?
जवाब : यह सही है मेरे टिकट कटवाने में उनका पूरा रोल है। पिछले 5 सालों से वो पशु मेला की 50 एकड़ जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, मैंने रोका। उनकी भूमिका जरूर होंगी। उससे बड़ी बात यह है कि हमारे जो राष्ट्रीय नेतृत्व है, अगर ऐसे भू माफियाओं की बात सुन करके मेरा टिकट काटता है तो उचित नहीं है।

सुरेंद्र सिंह ने भाजपा सांसद पर लगाए गंभीर आरोप।
सुरेंद्र सिंह ने भाजपा सांसद पर लगाए गंभीर आरोप।

सवाल : आपको चुनाव लड़ने को लेकर सपा, जदयू व जनसत्ता दल जैसी पार्टियां भी संपर्क कर रही है, किसके साथ जाएंगे? जवाब : चुनाव में पार्टी का सिंबल जो होता है वह एक सहज माध्यम होता है। विचारों के आधार पर कोई भी पार्टी आदर से सिंबल देगा तो सहज स्वीकार है।

सवाल : आपके चुनाव लड़ने का फैसला 8 फरवरी को होगा या फिर कब? जवाब : 8 फरवरी को जनता के बीच में हमने बैठक बुलाया है। वहीं पर हमारे चुनाव लड़ने का फैसला होगा।

सवाल : दिल्ली से लौट कर आ लखनऊ आए हैं वहां पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई क्या आपकी? जवाब : मैं दिल्ली घोषणा को सुनने के लिए इसलिए गया था। मैं वहां किसी से मिला नहीं हूं। मेरी मुलाकात किसी से नहीं हुई। टेलीविजन पर आ गया सब कुछ तो मैंने सुनना उचित नहीं समझा, मिलना उचित नहीं समझा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *