सुनो पॉलिटिक्स… आप से फिर तुम हुए, फिर तू का उनवां हो गए
सियासत की जब गुफ्तगू होने लगी, आप से तुम, तुम से तू होने लगी। ये लाइनें तस्लीम फाजली की गजल ‘रफ्ता, रफ्ता’ की नहीं है। ये यूपी और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर पर ‘सुनो युद्ध’ से निकली हैं।
इस युद्ध में कांग्रेस, सपा और दूसरी पार्टियों के नेता भी मजे लेने में पीछे नहीं रहे। ‘सुनो युद्ध’ की भाषा भी ऐसी है जो ट्विटर पर ट्रेंड करने लगी। इस युद्ध की शुरुआत योगी ने ‘सुनो केजरीवाल’ के संबोधन से की थी।
फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ‘सुनो योगी’ शब्द का इस्तेमाल कर इसका जवाब दिया। बस फिर क्या था, लोग जुड़ते गए कारवां बढ़ता गया।
बहरहाल, पूरी खबर पढ़नी हो तो नीचे लिंक दिया है। ये बातें हमने सिर्फ आपको पोस्टर से कनेक्ट करने के लिए बताई हैं।
… बाकी वही हमारी रोज की बात
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- उन 3 ऑप्शन के ठीक नीचे मेरा सुझाव लिखा दिखेगा। बोल्ड में। वहां क्लिक कीजिए। और पूरी बात लिख डालिए। अरे हां, एक बात रह गई। हेडिंग में एक गजल की लाइन लिखी थी। जिसमें ‘उनवां’ लिखा हुआ है। उसका मतलब होता है, प्रकार। यानी कई तरह के।