सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर, रुड़की में धर्म संसद पर लगी रोक, धारा 144 लगाने के साथ हिरासत में आयोजक

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद रुड़की में आज होने वाली धर्म संसद पर पुलिस ने रोक लगा दी है। उत्तराखंड पुलिस ने यहां धारा 144 लागू करने के साथ ही आयोजक को भी हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही धर्म संसद के आयोजकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। बता दें कि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती के निर्देश दिए थे।

नई दिल्ली ….सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तराखंड के रुड़की में बुधवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने यहां आयोजित होने वाली धर्म संसद को रोक दिया गया है। जिला प्रशासन ने हिंदू महापंचायत होने से पहले मुख्य संयोजक दिनेशानंद भारती और उनके कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यही नहीं इसके कुछ देर बाद पुलिस ने आनंद स्वरूप को हिरासत में ले लिया है। आनंद स्वरूप को हिरासत में लेने के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश है, जिसके बाद पुलिस ने रुड़की में धारा 144 भी लागू कर दी है। बता दें कि एक दिन पहले मंगलवार को ही शीर्ष अदालत ने सख्ती के निर्देश दिए थे।

Bans On Parliament Of Religions In Roorkee Uttarakhand Imposed Section 144

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उत्तराखंड पुलिस ने धर्म संसद रोकने के बाद आयोजकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। पुलिस ने कुछ आयोजकों को भी हिरासत में लिया है। सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस का पहरा है।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
बुधवार को होने वाली प्रस्तावित हिंदू महापंचायत पर जिला प्रशासन की रोक के बाद हंगामे की आशंका के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किए है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।

दरअसल धर्म संसद पर रोक लगाने के बाद यहां टकराव के हालत बन गए हैं। वहीं आयोजकों का कहना है कि महापंचायत हर हाल में होगी, चाहे थाने में ही करनी पड़े। धर्म संसद के आयोजकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

इसके साथ ही इलाके में ड्रोन से नजर रखी जा रही है। हिंदू महापंचायत को लेकर पुलिस की तरफ से जहां एक और सख्ती बरती गई है, वहीं स्वामी दिनेश आनंद भारती के संपर्क में रहने वाले आश्रमों पर भी पुलिस की कड़ी नजर है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे सख्ती के संकेत
एक दिन पहले यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सख्ती के निर्देश दिए थे। सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सख्त हिदायत दी थी कि हेट स्पीच को रोका नहीं गया तो मुख्य सचिव इसके लिए जिम्मेदार होंगे। हम मुख्य सचिव को कोर्ट में तलब करेंगे। हेट स्पीच को रोकने के लिए जरूरी सभी कदम उठाए जाएं।

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