ये चुनाव का जादू है ? 5 दिन में 500 करोड़ के काम का श्रीगणेश, विधायक निधि से निकले 25 करोड़; 200 वर्क ऑर्डर निगम के

एक फीट जमीन मिली नहीं, भूमिपूजन करा दिया ….

चुनाव का जादू क्या होता है, ये शहर में चार-पांच दिन में ही महसूस हाेने लगा है। ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही नगर निगम चुनाव की सरगर्मी शुरू हो गई। इसी के साथ विकास से जुड़े तमाम विभाग हरकत में आ गए हैं। हालत यह है कि पिछले पांच दिनों में ही शहर में 500 करोड़ रुपए के काम शुरू कर दिए गए हैं, ताकि इन पर आचार संहिता की आंच न आए।

इनमें 290 कराेड़ के काम शहरी सीमा क्षेत्र में शुरू किए गए हैं। आईडीए ने 265 करोड़ के काम की वर्चुअल शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और अगले दिन विधायकों से कराई। नगर निगम में ही 200 कामों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। 23 को फिर सीएम से दो बड़े प्रोजेक्ट का लोकार्पण कराने की तैयारी है। हालत यह है कि इतने कम समय में शिलान्यास के पत्थर तैयार नहीं हो सकते तो मामूली फ्लैक्स से काम चलाया जा रहा है।

एमआर-3

चोइथराम चौराहे से रीजनल पार्क होते हुए सेज यूनिवर्सिटी तक मास्टर प्लान की रोड 1971 से मास्टर प्लान में है। आईडीए पूरा नहीं कर पाया तो निगम को काम सौंपा। निगम ने लैंड पुलिंग एक्ट के तहत जमीन लेने का प्रस्ताव बनाया। अब तक एक फीट जमीन नहीं मिली, लेकिन सड़क का भूमिपूजन सीएम के हाथों करा दिया है। 150 फीट चौड़ा रोड 600 मीटर बना है, 4.1 किमी बनना है। नगर निगम इसे लैंड पुलिंग के माध्यम से आसपास के जमीन मालिकों से डेवलपमेंट शुल्क लेकर बनाएगा। लागत 48 करोड़ है।

कृपया ध्यान दें… शिलान्यास और भूमिपूजन जारी हैं

5 दिन पहले, नगर निगम- ठेकेदारों के पेमेंट भी नहीं हाे रहे थे। 300 करोड़ से ज्यादा की देनदारी। कई काम सालों से पेंडिंग। एमओजी लाइन पर स्मार्ट सिटी का काम तो 7 साल में भी शुरू नहीं हो सका।

और अब इंदौर- सीएम के हाथों ऑनलाइन 265 करोड़ के काम का लोकार्पण, शिलान्यास कराया। ठेकेदारों को 10 से 20% भुगतान के साथ नए काम सौंपे। 200 से ज्यादा वर्कआर्डर दो दिन में हो जाएंगे।

  • आईडीए-पांच साल में कोई नई स्कीम नहीं आई। प्रस्तावित भी कोर्ट से क्वेश हो गईं। नए अध्यक्ष की नियुक्ति तो हुई लेकिन काम सामान्य गति पर थे।
  • ताबड़तोड़ बोर्ड बैठक हुई। 250 करोड़ के लोकार्पण व भूमिपूजन। बायपास से ट्रांसपोर्ट हब तक रोड, 3 फ्लाईओवर के टेंडर व भूमिपूजन हुए।
  • पुलिस- पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू, बावजूद ट्रैफिक पुलिस ही सड़कों पर नजर आ रही थी। कई बड़े घटनाक्रम। लॉ एंड आर्डर की स्थिति सामान्य।
  • 17 मई को रातभर कांबिंग गश्त हुई। एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी मैदान में उतरे। 1656 बदमाशों पर कार्रवाई। चोरी की 18 गाड़ियां बरामद की।
  • जनप्रतिनिधि- पार्टी के लिए फंड जुटाने, मेयर, आईडीए संचालक मंडल की लॉबिंग में जुटे थे। इंदौर गौरव दिवस और कथा-प्रवचन की तैयारियां थीं।
  • विधायकों ने 25 करोड़ केे काम शुरू कराए। तीन दिन में क्षेत्र क्रं. 1 में 45 लाख, 3 में 43, 4 में 30 व पांच में 63 लाख के काम शुरू हुए।

हमारी तैयारी तो पहले से थी, चुनाव अचानक आए?

सभी काम पाइप लाइन में ही थे। इनकी तैयारियां भी कई महीनों से चल रही थीं। स्पोर्ट्स एरिया की मीटिंग मार्च में खेल संगठनों के साथ हो गई थी। पिछली बोर्ड बैठक के प्रस्ताव थे, फ्लायओवर की घोषणा हमने बजट में ही कर दी थी।

-जयपाल सिंह चावड़ा, चेयरमैन आईडीए

चुनाव को देखते हुए ही शहर में सख्ती बढ़ाई है?
चुनाव को देखते हुए कांबिंग गश्त व संदिग्धों की धरपकड़ जारी रहेगी। पहले भी कार्रवाई लगातार होती रही है।
– हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, इंदौर

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