डेली लाइफ में ये टिप्स फॉलो करें …

खूब पढ़ें, बढ़िया नींद लें, काम करने के साथ-साथ छुट्टी भी जरूरी …
‘कल जा चुका है। आने वाला कल आया नहीं है। हमारे पास केवल आज है। शुरू करें!’

– मदर टेरेसा

आपसे सरल सवाल – क्या आपका डेली कोई प्लान होता है, या दिन बस आता है और गुजर जाता है?

कई रीडर्स काफी समय से मेरा डेली शेड्यूल जानना चाह रहे थे, मैंने सोचा क्यों ना  कुछ पावर टिप्स शेयर किए जाएं। स्टूडेंट्स, कॉम्पिटिटिव एग्जाम एस्पिरेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए ये वैल्युएबल प्रोडक्टिविटी टिप्स हैं।

एक क्लियर मेन्टल प्लान समझिए

यदि आप नहीं चाहते कि ‘सुबह होती है शाम होती है जिंदगी यूं ही तमाम होती है’ की तर्ज पर जीवन एक दिन समाप्त हो जाए, तो

इन 11 पावर टिप्स को आज, अभी, इसी वक्त से अप्लाई करना शुरू करें –

1) चलते रहिए

2) पढ़ते रहिए

3) काम की लिस्ट बनाइए

4) छोटे कदम लेते रहिए

5) हॉबी फॉलो करते रहिए

6) प्रायोरिटी तय करें

7) बढ़िया नींद लें

8) अपने भीतर के बच्चे को मरने न दें

9) खुद से बात करें

10) दान दीजिए

11) छुट्टी लेते रहिए

बने दोगुने प्रोडक्टिव अभी से – 11 पावर टिप्स

1) चलते रहिए (Keep Walking)

मैं आपको फिजिकली चलने को कह रहा हूं! रोज आधा घंटा या एक घंटा पैदल चलें। अकेले चलें, दोस्तों के साथ नहीं (अन्यथा बातचीत में समय जाता है, चिंतन मनन में नहीं)। पैदल चलते समय मोबाइल में ध्यान न दें, खुद के साथ रहें। आपको मेंटली बहुत स्पष्टता आती जाएगी, छोटी छोटी बातों में। मुद्दे सुलझते दिखेंगे। दिमाग नए पैटर्न बनाएगा। खुद को समय दें, चलते-चलते। मैं ये लगभग रोज करता हूं, और बेनिफिट जोरदार हैं!

2) पढ़ते रहिए (Keep Reading)

रोज 30 मिनट से 1 घंटा सीरियस रीडिंग करें और अपने दिमाग को खुराक दें, ये उसकी जरूरत है। बिना रीडिंग के दिमाग ठहर जाएगा और नए आइडिया आने के दरवाजे बंद हो जाएंगे। स्टूडेंट्स को डिप्रेशन होने लगेगा (मोनोटोनस रूटीन से) और प्रोफेशनल्स को बोरडम। अच्छी बुक्स और लिटरेचर पढ़ने से आप एक्टिव हो जाएंगे। मेरे प्रोफेशन में तो मुझे रोज 4 से 5 घंटे पढ़ना ही पड़ता है! आनंद-परमानन्द!

3) काम की लिस्ट बनाइए (List Tasks)

आज क्या-क्या करना है, लिखते चलिए, और हर मिनट का प्रॉपर यूज करिए। नहीं तो आप बहुत समय वेस्ट करते जाएंगे। टाइम से ज्यादा कीमती कुछ नहीं। मैं बरसों से डेली लिस्ट बनाते आया हूं, और जबरदस्त टाइम सेविंग हुई है।

4) छोटे कदम लेते रहिए (Small Steps)

लम्बी-लम्बी छलांग रोज नहीं लगती, लेकिन छोटे-छोटे कदम रोज लेते सकते हैं। कोई आपको रोजाना थोड़ा आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता। तो एक कदम लें, कुछ नया सीख लें। कुछ नया करें। खुद को रोज आगे बढ़ाएं। एक साल में बहुत कुछ बदल जाएगा। मैं छुट्टियों के अलावा हर दिन ऐसा करने की कोशिश करता हूं।

5) हॉबी फॉलो करते रहिए (Enjoy Hobby)

सारी जिंदगी कुछ हॉबी फॉलो करते रहें, कुछ भी। आपको लाइफ में रस मिलेगा, खुशी मिलेगी। स्टूडेंट्स के लिए कॉम्पिटिटिव एग्जाम प्रिपरेशन में ये बहुत पावरफुल होता है। मेरी हॉबीज हैं गिटार बजाना, रीडिंग करना, पढ़ाना, लिखना, ड्राइविंग करना। वेटलिफ्टिंग भी थी, लेकिन वो अब छोड़ दी!

6) प्रायोरिटी तय करें (Prioritize)

हर काम महत्वपूर्ण नहीं होता, इसलिए काम की प्रायोरिटी की सूची बनाइए। सबसे जरूरी काम हो जाएं फोकस ये होना चाहिए। अधिक इनकम और अधिक मार्क्स स्कोर करने के लिए लो प्रायोरिटी आइटम्स को कम अटेंशन दें। मैंने कई बार गलतियां कर के ये सबक सीखा है।

7) बढ़िया नींद लें (Sound Sleep)

आप हो सके तो सात घंटे की नींद अच्छे से लें। आपकी प्रोडक्टिविटी टॉप लेवल पर चलेगी। कम नींद से हेल्थ बिगड़ जाएगी और मेन्टल बैलेंस भी। मैं छह घंटे की नींद तो लेता ही लेता हूं।

8) अपने भीतर के बच्चे को मरने न दें (Child must live)

उम्र बढ़ते जाने का मतलब अपने अंदर के छोटे बच्चे को मार देना नहीं होता। वो मासूमियत और सरलता हमेशा जिंदा रखें, वही तो इंसान होने का सबूत है! मैं आज भी कॉमिक्स पढ़ता हूं, जैसे की टिनटिन, एस्ट्रिक्स और बहुत कुछ!

9) खुद से बात करें (Talk to self)

ये पागलपन नहीं बल्कि मच्योरिटी की निशानी है। आप खुद से हर बात बिना डरे, बिना झिझके कर सकते हैं। तो करें। अपने मन का गुबार निकाल दें। मुझे ड्राइविंग करते समय खुद से बात करना पसंद है!

10) दान दीजिए (Be charitable)

बिना किसी पब्लिसिटी की इच्छा के, बिना किसी लालच के, किसी अनजान परेशान इंसान को दान देते रहिए। इससे आपको अंदर से मानवीयता महसूस होगी। मैं कोशिश करता हूं रोज छोटी-मोटी मदद करता रहूं।

11) छुट्टी लेते रहिए (Take Breaks)

हर महीने, कुछ छुट्टियां जरूर लें। हफ्ते के सातों दिन काम करने से नुकसान ही होगा, फायदा नहीं। आपके सिस्टम को रिसेट होने का टाइम दें। मैं कोशिश करके संडे फुल रिलैक्स करता हूं, और साल में दो बार हॉलिडे पर जाता हूं।

दिल ढूंढता है फिर वही फुर्सत के रात-दिन…

अपने डेली शेड्यूल के बारे में सोचते वक्त सबसे पहले मेरे दिमाग में अपना बचपन और गुलजार की यहीं लाइनें याद आती हैं। फिर समझता हूं कि मैं तो फुल एन्जॉय कर ही रहा हूं, काम को भी, लाइफ को भी!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *