सालभर पहले भितरघात का आरोप, अब तारीफ ही तारीफ …!
असंतुष्टों को मनाने में जुटी सरकार …..
बीजेपी के सीनियर लीडर और दमोह से 7 बार विधायक रहे जयंत मलैया को सालभर पहले बीजेपी ने भितरघात के आरोप लगाकर नोटिस थमाया था। भाजपा अब उन्हीं जयंत मलैया की तारीफों के पुल बांध रही है। पार्टी संगठन के नेता सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर उनसे माफी मांग रहे है। ‘सरकार’ भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। ये पूरा घटनाक्रम चौंकाने वाला रहा।
दरअसल, मलैया ने उम्र के 75वें पड़ाव को पूरा करने पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया था, जिसे बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। यही वजह है कि बीजेपी विधायक अजय विश्नोई को इसकी कमान सौंपी गई। हालांकि इस आयोजन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तक शामिल हुए।
सुना है कि बीजेपी नेताओं के इस हृदय परिवर्तन के पीछे इंटेलीजेंस की रिपोर्ट थी। सरकार और संगठन तक यह खबर पहुंची कि दमोह के सरताज तो मलैया ही हैं। दरअसल मलैया पार्टी में असंतुष्टों के नेता बनकर खड़े हो सकते थे। इधर जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ की आम आदमी पार्टी से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। सुना है कि इन सबको देखते हुए मलैया की तारीफ बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
इस पॉलिटिकल ड्रामे पर मलैया के एक शुभचिंतक विधायक ने टिप्पणी करते हुए कहा– उन्हें यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कांग्रेस या आप का अब एमपी में कोई भविष्य नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि पार्टी के पास मलैया परिवार को राजनीतिक तौर पर टक्कर देने वाला दमोह में कोई नेता नहीं है। अब देखना है कि मलैया किस धारा में बहेंगे?