असद और गुलाम के एनकाउंटर ..!

माफिया अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम के एनकाउंटर का आखिरी चैप्टर 24 घंटे पहले शुरू हुआ। उमेश पाल हत्याकांड के शूटर्स की लोकेशन मिलने के बाद 24 घंटे पहले ही STF की एक टीम झांसी पहुंची थी। शुरुआती जानकारी गुड्‌डू मुस्लिम के छिपे होने की मिली थी। हालांकि, बाद में सोर्स से असद और शूटर गुलाम के भी झांसी में चिरगांव के पास होने का पता चला। गुड्डू मुस्लिम तो STF के हाथ नहीं लगा, लेकिन असद और गुलाम मिल गए।

STF दोनों को जिंदा पकड़ना चाहती थी। हालांकि, दोनों ने STF टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। STF की जवाबी फायरिंग में दोनों मारे गए। असद को 2 जबकि गुलाम को 1 गोली लगी। एनकाउंटर को लेकर STF की प्रयागराज यूनिट के डिप्टी SP नवेन्दु कुमार ने झांसी के बड़ागांव थाने में FIR लिखवाई है। इसमें उन्होंने पूरी वारदात की सिलसिलेवार जानकारी दी है।

….अब आपको बताते हैं एनकाउंटर के आखिरी वक्त में क्या हुआ?

STF के डिप्टी SP नवेंदु कुमार और विमल कुमार सिंह अपनी-अपनी टीम के साथ उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में जुटे थे। उन्हें 12 अप्रैल की रात गुड्‌डू मुस्लिम के झांसी के पारीछा में छिपे होने की सूचना मिली। सोर्स ने बताया कि वो पारीक्षा में सतीश पांडेय नाम के शख्स के घर में छिपा है। पहले भी गुड्‌डू मुस्लिम यहां रह चुका है।

लेकिन, STF की दबिश से पहले ही गुड्‌डू वहां से निकल गया। इसके कुछ देर बाद ही 5-5 लाख के इनामी असद और मोहम्मद गुलाम के भी झांसी के आस-पास छिपे होने के इनपुट मिले। डिप्टी SP नवेंदु कुमार अपनी टीम के साथ दो गाड़ियों में झांसी के आसपास एक्टिव हो गए। STF ने अपने सारे सोर्स एक्टिवेट कर दिए। सर्विलांस टीम को लगा दिया।

…फिर चिरगांव में असद और गुलाम की लोकेशन मिली
STF को असद और गुलाम की पहली लोकेशन चिरगांव में मिली। STF को सोर्स ने बताया कि असद और गुलाम को चिरगांव के पास देखा गया है। कंफर्म होने के बाद STF की प्लानिंग दोनों को चिरगांव में ही घेरकर जिंदा दबोचने की थी। डिप्टी SP नवेंदु कुमार की टीम तुरंत चिरगांव पहुंच गई। लेकिन तब तक दोनों निकल गए। चिरगांव में मुखबिर ने बताया कि अभी-अभी असद और गुलाम डिस्कवर बाइक से पारीछा की तरफ गए हैं। बाइक की प्लेट पर नंबर नहीं लिखे थे।

मुखबिर ने बताया कि असद सफेद रंग का पठान सूट और काली टोपी लगाए हुए है, जबकि गुलाम लोअर और डार्क ग्रीन हाफ टी शर्ट व सिर पर रूमाल बांधे है। यह इंफॉर्मेंशन STF के लिए काफी थी। यहां तय हो गया था कि भागने वाले दोनों शख्स असद और गुलाम हैं।

ओवरटेक करने की कोशिश पर असद-गुलाम कच्चे रास्ते पर भागे
इसके बाद नवेंदु कुमार और विमल कुमार ने अपनी-अपनी टीम के साथ चिरगांव से पारीछा की तरफ जाने वाले हाइवे पर ट्रेसिंग शुरू की। करीब 11:30 बजे पारीछा बांध के मोड़ से करीब 100 मीटर पहले बाइक नजर आ गई। STF ने असद और गुलाम को ओवरटेक करने का प्रयास किया। दोनों ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी। दोनों समझ गए कि स्कॉपियो में पुलिसवाले हैं। इसके बाद दोनों ने पुलिस से बचने के लिए कच्चे रास्ते पर बाइक को भगा दिया।

STF के मुताबिक, दोनों बदमाशों को बार-बार सरेंडर करने की चेतावनी दी गई। मगर कच्चे रास्ते पर करीब डेढ़-दो किमी. दोनों बाइक दौड़ाते रहे। उसी समय सामने से विमल कुमार सिंह की टीम ने उन्हें घेर लिया। इसी दौरान असद और गुलाम की बाइक स्लिप होकर कच्चे रास्ते से नीचे गिर गई। तब दोनों ने उठकर जमीनी आड़ लेकर विदेशी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

ये तस्वीर असद की है। उसके सीने और गले पर एक-एक गोली लगी है। झांसी में उसका पोस्टमॉर्टम किया गया।
ये तस्वीर असद की है। उसके सीने और गले पर एक-एक गोली लगी है। झांसी में उसका पोस्टमॉर्टम किया गया।

करीब 30 मिनट चली मुठभेड़, 49 राउंड फायरिंग
असद और गुलाम की तरफ से फायरिंग के बाद STF जवानों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू की। कुछ जवान गाड़ी से उतरकर पेड़ की ओट में छिप गए। करीब 30 मिनट तक दोनों तरफ से रुक-रुककर फायरिंग हुई। नवेंदु कुमार ने अपनी पिस्टल से 2 फायर और विमल कुमार सिंह समेत टीम ने अपनी-अपनी पिस्टल से एक-एक फायर किए। थोड़ी देर में बदमाशों की तरफ से फायरिंग बंद हो गई।

कुछ देर इंतजार के बाद STF ने पास जाकर देखा तो असद और गुलाम दोनों घायल पड़े थे। दोनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 पर 12:52 बजे और एम्बुलेंस के लिए 12.55 पर फोन किया गया। दोनों को अस्पताल तक लेकर टीम पहुंची। जबकि एनकाउंटर स्पॉट के एरिया को सील किया गया। वहां फोरेंसिक टीम ने जांच की।

STF और असद-गुलाम के बीच जहां मुठभेड़ हुई। वह लोकेशन कानपुर-झांसी हाइवे से करीब 200 मीटर दूर है। आसपास का इलाका झाड़ियों वाला है। थोड़ी दूर ही पारीछा डैम का निर्माण काम चल रहा है।

अजमेर तक दबिशें, लेकिन दोनों भागते रहे
STF सूत्रों के मुताबिक, उमेश पाल की हत्या के बाद असद और गुलाम दोनों प्रयागराज से बाइक से कानपुर पहुंचे। यहां से बस पकड़कर नोएडा पहुंच गए। वहां करीब 15 दिन रहने के बाद दिल्ली चले गए। जहां एक पॉलिटिकल नेता के रिश्तेदार के संगम विहार स्थित घर में पनाह ली। वहां पर STF के पहुंचने की भनक लगते ही दोनों अजमेर निकल गए। वहां गुड्डू मुस्लिम भी छिपा था।

सूत्रों के मुताबिक, असद, गुलाम और गुड्डू मुस्लिम तीनों एक साथ करीब एक सप्ताह रहे। वहां अपने रिश्तेदार का फोन इस्तेमाल किया। इसी दौरान STF ने अजमेर लोकेशन मिलते ही वहां पर छापेमारी की, लेकिन तीनों वहां से भाग गए।

इस बीच, जानकारी मिली कि असद और गुलाम कोलकाता पोर्ट और आसनसोल के आसपास दिखाई दिए हैं। टीम ने वहां कई जगह दबिश दी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच, गुड्डू मुस्लिम की झांसी में लोकेशन मिली। STF की टीम वहां पहुंची तो पता चला कि गुड्डू मुस्लिम तो निकल गया, लेकिन असद और गुलाम STF के हत्थे चढ़ गए। एनकाउंटर में दोनों मारे गए।

शूटर्स की तलाश में 2 देश, 8 राज्य में छापे
सूत्रों के मुताबिक, उमेश हत्याकांड के बाद पुलिस ने शूटर्स को पकड़ने के लिए 2 देश, 8 राज्य में छापेमारी की। SOG, STF और UP पुलिस की 22 टीमें इन्हें पकड़ने के लिए लगाई गई थी। STF ने नेपाल और थाईलैंड में भी छापेमारी की। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और पंजाब, महाराष्ट्र में छापे मारे। हर शूटर के लिए 3 डेडीकेटेड टीमें लगाई गई थीं। वहीं, 3 टीमों को कॉल डिटेल और सर्विलांस के लिए लगाया गया था।

STF चीफ अमिताभ यश और IPS अनंत देव को दी थी जिम्मेदारी
उमेश पाल के शूटर्स UP पुलिस के लिए चैलेंज बन गए थे। ऐसे में इनको पकड़ने का टास्क STF चीफ अमिताभ यश और IPS अनंत देव को दिया गया। अनंत देव ने ही बिकरू कांड माफिया विकास दुबे को भी मार गिराया था। चीफ अमिताभ यश और IPS अनंत देव की टीम में STF के करीब 200 जवान हैं। उमेश पाल की हत्या केस में मोस्टवांटेड साबिर, गुड्‌डू मुस्लिम और अरमान फरार हैं।

अब आपको बताते हैं कि उनके पास से बरामद क्या-कुछ हुआ है…

  • एक पिस्टल विदेशी पी-88 वाल्थर
  • एक रिवाल्वर विदेशी द ब्रिटिष बुलडाग 455 बोर
  • एक देशी पिस्टल 32 बोर
  • पांच पिस्टल की मैगजीन मय कारतूस 7.65 MM
  • दो पिस्टल की नाल में लगा कारतूस 7.65 MM
  • पांच अदद खोखा कारतूस 7.65 MM
  • एक मोटरसाइकिल बिना नम्बर की
  • एक काले रंग की टोपी
  • 10 जिन्दा कारतूस 7.65 MM
  • एक खोखा कारतूस 09 MM

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