पता करें कहां छिपा है स्पाई कैमरा ..?
पढ़ाई और जॉब की वजह से घर से दूर किराये के मकान और हॉस्टल में लड़कियां देशभर में रह रही हैं …
स्पाई कैमरा लगने की घटना की जानकारी भी देशभर से आती है।
ऐसे में डरने की जगह किस तरह से अलर्ट रहने की जरूरत है इस पर बात करेंगे
सबसे पहले जानिए उदयपुर वाले केस में कहां और कैसे लगा था कैमरा
- टू BHK फ्लैट में एक कैमरा बाथरूम में एग्जॉस्ट और दूसरा इलेक्ट्रिक बोर्ड के बीच लगा था।
- बाकी दो कैमरे अलग-अलग रूम में बल्ब के होल्डर के अंदर लगे थे।
- सभी कैमरों में मेमोरी कार्ड भी था। जिस वजह से वीडियो सेव हो रही थी।
- राजेंद्र ने कैमरों को अपने मोबाइल से ऑनलाइन कनेक्ट कर रखा था।
सवाल: खुफिया, स्पाई या हिडन कैमरा क्या होता है?
जवाब: हॉस्टल, होटल, बाथरूम या चेंजिंग रूम जैसी किसी भी जगह पर जब कोई कैमरा छिपाकर लगाया जाता है तो उसे खुफिया कैमरा कहते हैं।
सवाल: स्पाई कैमरा नग्न आंखों से दिखाई क्यों नहीं देता?
जवाब: स्पाई कैमरों में अक्सर इंफ्रारेड (IR) ब्लास्टर्स लगे होते हैं, जो उन्हें अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने में मदद करते हैं। कोई भी इंसान अपनी आंखों से IR लाइट्स का पता नहीं लगा सकता है।
यही वजह है कि इन कैमरों को अंधेरे में नग्न आंखों से देखना असंभव है। हालांकि, मोबाइल कैमरे इंफ्रारेड स्पेक्ट्रम से इन लाइट्स का पता लगाया जा सकता है।
सवाल: किन-किन चीजों में छुपा हो सकता है कैमरा?
जवाब: ये ज्यादातर ऐसी चीजों पर लगा होता है, जहां पर लोगों की नजर न जा पाए। जैसे-
- एयर फिल्टर इक्विपमेंट
- किताबों के किनारे
- दीवार पर सजी किसी चीज के अंदर या बाहर
- घर के अंदर लगे पौधों में
- स्मोक डिटेक्टर
- खिलौने
- डिजिटल टीवी बॉक्स
- हेयर ड्रायर
- कपड़े या जूता

सवाल: किराये का मकान, होटल और हॉस्टल में ठहरने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: ये कैमरे छुपे होते हैं, लेकिन यह अपना काम कर सके इसलिए उसके लेंस सामने की तरफ होते हैं। इसका पता लगाना मुश्किल नहीं।
नीचे लिखी कुछ बातों पर नजर रखें…
- किराये पर मकान ले रहे हैं तो आसपास के लोगों से मकान मालिक के बैंकग्राउंड के बारे में जानकारी ले लें। हॉस्टल के केस में वहां पहले से रह रही लड़कियों से जानकारी लें।
- अगर आसपास की जगह संदिग्ध लगे तो कोई दूसरा ऑप्शन देखें।
- होटल और फर्निश्ड किराये के कमरे के केस में सेट टॉप बॉक्स, लैंप, गेट हैंडल, घड़ी, स्मोक डिटेक्टर, एसी पवार एडेप्टर, बाथरूम में लगे मिरर, खिड़की, नल सब अच्छी तरह चेक करें।
- टूर और ट्रैवल के समय फर्जी वेबसाइट से कमरा या होटल बुक न करें।

सवाल: होटल, हॉस्टल या चेंजिंग रूम जैसी जगहों पर हिडन कैमरा मिल जाए तो आम आदमी के क्या अधिकार हैं?
जवाब: एडवोकेट अविनाश गोयल के अनुसार, जब किसी भी आम आदमी को ऐसी जगह पर खुफिया यानी स्पाई कैमरा मिल जाए तो वह तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकता है।
IPC की धारा 354C और IT एक्ट 66E के तहत ऐसे मामलों में FIR दर्ज की जाती है। IT एक्ट 66E लगाने पर दोषी को 3 साल तक की जेल और 2 लाख तक का फाइन भरना पड़ सकता है।
यह भी याद रखें
आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में किसी दूसरे का दखल न देना ही राइट टु प्राइवेसी है। यह हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। इसका मतलब यह भी है कि आपकी या हमारी जिंदगी में कुछ प्राइवेसी यानी निजी पल और चीजें हैं, उसमें कोई और दखल नहीं दे सकता।
भारत में प्राइवेसी को लेकर कोई स्पेसिफिक कानून नहीं है, लेकिन भारतीय संविधान का आर्टिकल-21 में प्राइवेसी अधिकार हमें मिला है। जिसके तहत कोई भी हमारी और आपकी मर्जी के बगैर तस्वीर नहीं खींच सकता, वीडियो नहीं बना सकता, न उसे कही पब्लिश कर सकता है।