भोपाल. : बजट से ज्यादाकर्ज ….. ऐसा है खजाने का हाल ..
ऐसा है खजाने का हाल: राज्य पर तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है कर्ज, सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों का दबाव
कर्ज चुकाने के लिए कम पड़े ₹2269.90 करोड़, फिलहाल ₹761.90 करोड़ की और जरूरत …
चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य का बजट 3 लाख 14 हजार करोड़ रुपए का है, जबकि कर्ज 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए हो गया है। आगामी महीनों में जरूरतें बढ़ेंगी। खर्चभी बढ़ेगा तो कर्ज बढ़ना भी स्वभाविक है।
भोपाल. चुनावी साल में विकास कार्यों को करने सरकार पर दबाव है। योजनाओं पर खजाने का बोझ बढ़ा है। हालात यह हैं कि सरकार ने जब प्रदेश का बजट तैयार किया था, तब कर्ज चुकाने के लिए 2269.90 करोड़ रुपए का प्रावधान सरकार ने किया था। यह राशि भी अब कम पड़ गई है। सरकार ने अनुपूरक के तौर पर 761.90 करोड़ रुपए और मांगे हैं। विधानसभा से हरीझंडी मिल चुकी है। अब राजभवन पर निगाहें है।
चुनाव को देखते हुए माना जा रहा है कि ढाई माह बाद चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। उस दौरान न तो नए विकास कार्य हो सकेंगे, न ही नई घोषणाएं। ऐसे में सरकार ने विकास कार्यों पर फोकस किया है। एक माह के विकास पर्व में दो लाख करोड़ के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्य होंगे। यह भी प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। हालांकि खजाने की खराब माली हालत आड़े आ रही है। इसके लिए भी सरकार ने जुगाड़ किया है।
तारीख कर्ज वर्ष के लिए
13 जून 4000 11
30 मई 2000 10
28 मार्च 1000 24
23 मार्च 4000 20
14 मार्च 2000 25
6 मार्च 3000 20
तारीख कर्ज वर्ष के लिए
28 फरवरी 3000 20
21 फरवरी 3000 15
14 फरवरी 3000 11
7 फरवरी 3000 10
31 जनवरी 2000 15
(राशि करोड़ रुपए में)
आगामी महीनों में विभागों के लिए जरूरत
कर्ज का ब्याज चुकाने 761.90
ऊर्जा विभाग 3190.00
लोक निर्माण कार्य 2448.60
सामाजिक एवं नि:शक्तजनकल्याण विभाग 505.00
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवंउपभोक्ता संरक्षण 500.16
पंचायत विभाग 470.00
नर्मदा घाटी विकास 3995.00
पिछड़ा वर्ग कल्याण 1284.08
किसान कल्याण, कृषिविकास विभाग 16981.45
लोक स्वास्थ्य एवंपरिवार कल्याण 10918.26
ग्रामीण विकास 14943.30
महिला बाल विकास 14507.89